20/06/2025
अरुण कुमार उपाध्याय जी द्वारा लिखित "वैदिक भारत का इतिहास भूगोल एवं विज्ञान" अब प्रकाशित हो चुकी है . आप अपनी प्रति दिए गए लिंक से मंगवा सकते हैं :
https://pratibhabooks.com/product/vedic-bharat-ka-itihas-bhogol-vigyan/
पुस्तक परिचय :
इस ग्रन्थ में वैदिक साहित्य तथा उससे सम्बन्धित आगमों का विस्तृत विवरण है। पुराण वर्णित 62000 ई.पू. से भारतीय काल गणना का वर्णन है। 57000 ई.पू. में मणिजा सभ्यता द्वारा खनन कार्य आरम्भ हुआ, जिनकी पुरानी खानों के अवशेष आज भी मिलते हैं। 29000 ई.पू. में स्वायम्भुव मनु द्वारा ज्ञान-विज्ञान का एकीकरण वेद रूप में हुआ तथा उसके बाद 28 व्यासों की परम्परा ने वेद मन्त्रों का संकलन किया। अन्तिम 29 वें व्यास कृष्ण द्वैपायन महाभारत काल में थे जिनका वेद संहिताओं का विभाजन अभी तक चल रहा है।
स्वायम्भुव मनु से वैवस्वत मनु तक का संक्षिप्त क्रमिक इतिहास उपलब्ध है। वैवस्वत मनु के बाद यम काल में जल प्रलय हुआ उसके बाद सूर्य वंश के इक्ष्वाकु से सूर्य वंशी राजाओं का क्रमिक इतिहास उपलब्ध है। वेद काल में पृथ्वी तथा आकाश के क्षेत्रों की माप, 9 प्रकार के काल मान तथा 7 प्रकार के युगों की माप सूक्ष्म रूप में हो चुकी थी जिनमें कुछ का पता 2008 ई. तक आधुनिक विज्ञान में नहीं था।
इस ग्रन्थ में महाभारत काल तक के सूर्य वंश का क्रमिक इतिहास, उसके बाद मगध राजाओं की वंशावली तथा 1192 ई. तक अग्निवंशी राजाओं के इतिहास का कालक्रम वर्णित है।