10/01/2025
भारत में ईपीएफ निकासी पर लगने वाला कर कई कारकों पर निर्भर करता है:
* सेवा की अवधि: यदि आप पांच साल की निरंतर सेवा पूरी करने के बाद अपना ईपीएफ बैलेंस निकालते हैं, तो आमतौर पर निकासी कर मुक्त होती है।
* निकाली गई राशि: 50,000 रुपये से कम की निकासी आमतौर पर कर योग्य नहीं होती है, भले ही आपकी सेवा की लंबाई कितनी भी हो। 50,000 रुपये से अधिक की राशि पर कर लगाया जा सकता है यदि आपने पांच साल की सेवा पूरी नहीं की है।
* टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स):
* यदि आपने अपना पैन प्रदान किया है, तो ईपीएफ निकासी पर 10% की दर से टीडीएस काटा जाता है यदि आप 50,000 रुपये या उससे अधिक की राशि निकालते हैं, और 5 साल से कम समय तक सेवा दी है।
* यदि आप अपना पैन जमा करने में विफल रहते हैं, तो टीडीएस की दर 20% अधिक होती है।
महत्वपूर्ण नोट्स:
* यदि आपकी कुल आय, ईपीएफ निकासी सहित, कर योग्य सीमा से कम है, तो आप फॉर्म 15जी/फॉर्म 15एच जमा करके टीडीएस से बच सकते हैं।
* वित्त वर्ष 2021-22 से ईपीएफ योगदान पर अर्जित ब्याज अब कर योग्य है, कुछ अपवादों के साथ।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और सभी स्थितियों में लागू नहीं हो सकती है। व्यक्तिगत सलाह के लिए योग्य कर पेशेवर से परामर्श करने की अनुशंसा की जाती है।
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