11/04/2025
कल हमारे सबके प्रभु हनुमानजी का जन्मोत्सव है, जिसे भारत ही नहीं, अपितु संपूर्ण विश्व के सनातनी श्रद्धा व भक्ति भाव से मनाते हैं।
हनुमान जयंती का दिन अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह पर्व विशेष रूप से चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है और भगवान हनुमान जी के जन्म के उपलक्ष्य में श्रद्धालु उपवास, पूजन और हवन आदि करते हैं।
हनुमान जयंती 2025 की तिथि एवं समय:
दिनांक: 12 अप्रैल 2025, शनिवार
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: प्रातः 03:21 बजे (12 अप्रैल)
पूर्णिमा तिथि समाप्त: प्रातः 05:51 बजे (13 अप्रैल)
शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त: 04:29 बजे से 05:14 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:56 बजे से 12:48 बजे तक
अमृत काल: 11:23 बजे से 01:11 बजे तक
योग व नक्षत्र:
हस्त नक्षत्र: शाम 6:07 बजे तक
व्याघात योग: रात 8:39 बजे तक
हनुमान जयंती का महत्व:
भगवान हनुमान को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन उपवास रखकर और विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और वह कष्टों से मुक्त होता है।
पूजा विधि:
प्रातः काल स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
लाल या केसरिया वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
पूर्व दिशा की ओर वेदी पर हनुमानजी का चित्र रखें।
दीपक, अगरबत्ती जलाकर वातावरण को शुद्ध करें।
जल, पंचामृत से अभिषेक करें, वस्त्र अर्पण करें।
हनुमान चालीसा, अष्टक या सुंदरकांड का पाठ करें।
आरती कर सभी के कल्याण हेतु प्रार्थना करें एवं पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।
विशेष परंपराएं व मान्यताएं:
उत्तर भारत: चैत्र पूर्णिमा
दक्षिण भारत: कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
तमिलनाडु: मार्गशीर्ष अमावस्या
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना: 41 दिन तक उत्सव
शास्त्रों के अनुसार भगवान हनुमान चिरंजीवी हैं और आज भी इस पृथ्वी पर भक्तों की सहायता हेतु विचरण करते हैं। उनकी भक्ति से मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा को विशेष ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
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श्रीहरि चरणों का दास - सुनील मिश्रा
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