27/07/2026
भारत के संविधान की मूल प्रति (Original Constitution) की शुरुआत प्रस्तावना (Preamble) और भाग 1 (संघ और उसका राज्यक्षेत्र) से होती है। समाज के लिए सही जानकारी का आधार संविधान की 'प्रस्तावना' है, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का संकल्प देती है।
1. प्रस्तावना (Preamble)
प्रस्तावना संविधान की आत्मा है। यह स्पष्ट करती है कि भारत एक सर्वसत्तासंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य है।
लक्षण (Features): यह संविधान के उद्देश्यों और नागरिकों को मिलने वाले अधिकारों का सार है।
इस्तेमाल होने वाली चीजें (Key Elements): सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; अवसर की समता।
गलतियां (Common Misconceptions): लोग अक्सर सोचते हैं कि प्रस्तावना अदालत में लागू की जा सकने वाली कानूनी धारा है, जबकि यह एक मार्गदर्शक सिद्धांत और उद्देश्य है।
उदाहरण: किसी भी नए कानून को बनाते समय यह देखा जाता है कि वह प्रस्तावना के मूल्यों के खिलाफ न हो।