30/04/2021
💐 #कलियुग मध्य सतयुग ल्याऊँ, तातै सत्य #कबीर कहाऊँ..!
"कलियुग बीते पचपन सौ पाँचा(5505), तब यह वचन मेरा होगा साँचा, कलियुग बीत जाये जब ऐता, सब जीव परम पुरुष पद चेता"
~(कबीर परमेश्वर के वचन)
#कबीर परमात्मा ने 600 वर्ष पहले धर्मदास जी से कहा था कि जब कलियुग 5505 वर्ष बीत जायेगा तब मेरा यह वचन सही साबित होगा। उस समय सभी #जीवों को मेरे परमपद अर्थात् सतलोक का ज्ञान होगा और सभी भक्ति करके सतलोक जायेंगे। #आदरणीय दादू साहेब जी (अमृत वाणी में प्रमाण) कबीर परमेश्वर के साक्षी - आदरणीय #दादू साहेब जी जब सात वर्ष के बालक थे तब पूर्ण परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मिले तथा #सतलोक ले गए।
#तीन दिन तक दादू जी बेहोश रहे होश में आने के पश्चात् परमेश्वर की महिमा की आँखों देखी बहुत-सी अमृतवाणी उच्चारण की~
💐जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।
💐दादू नाम कबीर की, जै कोई लेवे ओट।
उनको कबहू लागे नहीं, काल बज्र की चोट।।
💐दादू नाम कबीर का, सुनकर कांपे काल।
नाम भरोसे जो नर चले, होवे न बंका बाल।।
💐जो जो शरण कबीर के, तरगए अनन्त अपार।
दादू गुण कीता कहे, कहत न आवै पार।।
💐 #कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय।
दादू पूरन जगत को,भक्ति दृढावत सोय।।
💐ठेका पूरन होय जब, सब कोई तजै शरीर।
दादू काल गँजे नहीं, जपै जो नाम कबीर।।
💐आदमी की आयु घटै, तब यम घेरे आय।
सुमिरन किया कबीर का, दादू लिया बचाय।।
💐मेटि दिया अपराध सब, आय मिले छनमाँह।
दादू संग ले चले, कबीर चरण की छांह।।
💐दादू अन्तरगत सदा, छिन-छिन सुमिरन ध्यान।
वारु नाम कबीर पर, पल-पल मेरा प्रान।।
💐केहरि नाम कबीर का, विषम काल गज राज।
दादू भजन प्रतापते, भागे सुनत आवाज।।
💐पल एक नाम कबीर का, दादू मनचित लाय।
हस्ती के अश्वार को, श्वान काल नहीं खाय।।
💐सुमरत नाम कबीर का, कटे काल की पीर।
दादू दिन दिन ऊँचे, परमानन्द सुख सीर।।
💐दादू नाम कबीर की, जो कोई लेवे ओट।
तिनको कबहुं ना लगई, काल बज्र की चोट।।
💐और संत सब कूप हैं, केते झरिता नीर।
दादू अगम अपार है, दरिया सत्य कबीर।।
💐अबही तेरी सब मिटै, जन्म मरन की पीर।
स्वांस उस्वांस सुमिरले, दादू नाम कबीर।।
💐कोई सर्गुन में रीझ रहा, कोई निर्गुण ठहराय।
दादू गति कबीर की, मोते कही न जाय।।
💐जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।
#कबीर ,मैं रोवत हूँ सृष्टि को ये सृष्टि रोवे मोहे ।
गरीब दास इस वियोग को समझ न सकता कोए।।
#गुरु की शरणा लिजिए भाई, जाते जीव नर्क नही जाई।
गुरू कृपा कटे यम फांसी, विलम्ब न होय मिले अविनाशी।।
" #कबीर,अमर करुं #सतलोक पठाऊं तातै #बंदीछोड़ कहाऊं..!
जय हो बन्दीछोड़ की💓💓🙏🙏
सत् साहिब जी बन्दीछोड़ सदगुरु रामपाल जी महाराज की जय हो.....!