Ajeet Mishra

Ajeet Mishra "जिस दौर से हम गुजरे है !!!
तुम गुजरते "",,,,,,

02/04/2026
I have reached 500 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉
25/10/2023

I have reached 500 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉

क्या आप भी बेवकूफ बन रहे हैं ? आजकल बड़े बड़े रेस्ट्रोरेंट में पकवानों के नाम 'अंग्रेज़ी' में रखकर यह साबित किया जाता है...
22/08/2023

क्या आप भी बेवकूफ बन रहे हैं ?

आजकल बड़े बड़े रेस्ट्रोरेंट में पकवानों के नाम 'अंग्रेज़ी' में रखकर यह साबित किया जाता है कि "जब तक हम जैसे समझदार बेवकूफ रहेंगे ये होशियार कभी भूखे नहीं मरेंगे...

अब देखिये कुछ डिश के नाम.......

🔸रोसेटो अल्जफर्नो- और ये डिश है भात और लाल साग मिला हुआ..दाम 375 रूपये..
🔸नाचोस विथ सालसा- यह है नमकीन खस्ता..कच्चे टमाटर की चटनी के साथ... दाम 195 रूपये..
🔸अब खस्ता और टमाटर चटनी बोलने से कोई 195 रूपये तो नहीं देगा न..
"कच्चे टमाटर की चटनी के साथ खस्ता खा रहे हैं "
बोलने में शर्म आती है...
🔸 सिनोमिना सुफले - सूजी का हलवा है दाम Rs 175...
चावल के मांड़ को भी राइस सूप विथ लेमन ग्रास- बोलकर 150 में परोस देते हैं..
और ये कूल ड्यूड बड़े इतरा कर बोलते हैं
"I am having rice soup with NACHOS WITH SALSA....LOL!!!" अब यह कोई थोड़े ही बोलेगा क़ि - माँड़ पी रहें हैं खस्ता के साथ..
🔸 एक डिश है इंडिलाचा- सब्जी से भरे हुए पराठा को कहते हैं... 200 रूपये का..
🔸'सतुआ' बोलोगे तो लोग गंवार बोल बड़ी हीन दृष्टि से देखेंगे लेकिन ...Gram juice with pepper' बोलने से स्टैंडर्ड बढ़ जायेगा..

कुकर में उबला हुआ 5 रूपया के भुट्टे को 50 रूपया में 'स्वीट कॉर्न' बोलकर बेच देते हैं और लोग भी शान से खाते हैं….

Moral of the story -

जब तक बेवक़ूफ़ ज़िन्दा हैं अक़्लमन्द भूखे नहीं मरेंगे...!!

बहुत समय पहले की बात है एक बुजुर्ग आदमी भुख से व्याकुल था,वो एक तालाब पर जाता है और बड़ी मशक्कत से एक मछली पकड़ता है कि ...
03/08/2023

बहुत समय पहले की बात है एक बुजुर्ग आदमी भुख से व्याकुल था,वो एक तालाब पर जाता है और बड़ी मशक्कत से एक मछली पकड़ता है कि चलो इससे मैं भूख मिटा सकुंगा।
तभी वहां एक लड़का आता है और उस बुजुर्ग को परेशान करने के लिए बुजुर्ग के हाथ से मछली छीन लेता है साथ ही आगे आगे भागकर परेशान करने लगता है।
बुजुर्ग में इतनी ताकत तो थी नहीं कि उस जवान लड़के के पीछे भागकर उससे मछली छिन ले, वो उस लड़के को कहते हैं, मेरी मछली दे दो मैं बहुत भुखा हूँ।
लेकिन लड़का नहीं मानता वो और अधिक परेशान करने लग जाता है,हार कर वो बुजुर्ग आंखों में आंसू लिए ऊपर की तरफ देखकर कुछ बोलते हैं और आगे बढ़ जाते हैं! तभी उस लड़के के हाथ में मछली का कांटा चुभ जाता है,वो दर्द से कराहता हुआ मछली को फेंक घर चला जाता है।
लड़का घाव पर दवा लगाता है पर उसका घाव ठीक नहीं होता, कई दिन बीत जाने पर भी घाव ठीक नहीं होता तब लड़का डॉक्टर के पास जाता है, डॉक्टर कहता है तुम्हारे अंगुठे में जहर फैल चुका है इसे काटना पड़ेगा, लड़के का अंगुठा काट दिया गया, फिर भी लड़के का अंगूठा ठीक नहीं होता ना घाव भरता है ना दर्द कम होता है,लडका बहुत परेशान रहता है।
कुछ दिनों बाद लड़का दूसरे डॉक्टर के पास जाता है वो डॉक्टर भी कहता है तुम्हारा जख्म बहुत बढ़ गया है सारे अंगों में जहर ना फैल जाए इसलिए इस पंजे को काटना पड़ेगा, लड़के का पंजा काट दिया जाता है।
जब वो लड़का अपना पंजा कटवाकर घर लौट रहा था तो रास्ते में उसे वही बुजुर्ग दिखाई देता है वो दौड़कर उसी बुजुर्ग की तरफ जाता है और अपने किए की माफी मांगता है,और पुछता है कि मेरे एक सवाल का जवाब दे दीजिए,आपने उस दिन ऊपर की तरफ देखकर मन ही मन क्या कहा कि मेरे साथ ये सब घटना घटी।
बुजुर्ग पहले तो हंसे फिर गंभीर होकर कहते हैं मैंने ईश्वर को सिर्फ यही कहा "मैं मजबूर हुं मेरे साथ बुरा करने वाले का मैं कुछ नहीं कर सकता,अब मैं इसे तेरे हवाले करता हुं, मुझे न्याय चाहिए" सच्चे दिल से निकली आह ने देखो तुम्हारा ये हाल कर दिया।
"कर्मा जरूर लौटता है, ईश्वर की अदालत में जैसा का तैसा मिलता है, हाथ के बदले हाथ, आंख के बदले आंख,धोखे के बदले धोखा, कर्म से कोई नहीं बच सकता।"
"हम अपने साथ बुरा करने वाले हर इंसान को पूरी तरह से ईश्वर/प्रकृति के हवाले कर अपने आपको मुक्त करते हैं,।"

पत्रकार राहुल शुक्ला अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जंग लड़ते हार गये। पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के एक चिकित्सालय में दुर्घ...
18/07/2023

पत्रकार राहुल शुक्ला अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जंग लड़ते हार गये। पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के एक चिकित्सालय में दुर्घटना के चलते एडमिट थे। सोचा जाकर मिलूँ कुछ उनकी मदद करूँ! उनकी सोशल प्रोफ़ाइल से उनके नंबर पर बात करने का प्रयास किया पर सब के सब नंबर बंद बात भी नहीं हो सकी। सोचा आगे जाऊँगा। पर हो न सका। हालाँकि पत्रकार राहुल शुक्ला से मेरा कोई परिचय नहीं था पर बस्ती के होने के नाते एक स्वतः लगाव हुआ।ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।
आख़िर चलते चलते एक बात और समाज की समस्याओं पर अग्रणी भाव से समर्पित पत्रकार भाइयों के साथ यह समस्या पहली बार की नहीं विपदा की घड़ी में अक्सर देखा है सहायता की अपील करनी पड़ती है। संकट के समय संसाधनों का टोटा पैसे की कमी से दो चार होना पड़ता है। ऐसी स्थिति क्यों? क्यों आज तक एक ऐसा मैकेनिजम विकसित नहीं किया गया कि इन परिस्थितियों का सामना करने से पहले ही एक फंड का प्रबंध हो अगर सरकारी स्तर पर नहीं तो कम से कम हम आप सब आगे आकर ऐसा तंत्र विकसित करें।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Rahul Shukla

हारे हुए लोग कहाँ जायेंगे ? ? हारे हुए लोगों के लिए कौन दुनिया बसाएगा ? उन पराजित योद्धाओं के लिए ,तमाम शिकस्त खाए लोगों...
18/07/2023

हारे हुए लोग कहाँ जायेंगे ? ?
हारे हुए लोगों के लिए कौन दुनिया बसाएगा ?
उन पराजित योद्धाओं के लिए ,
तमाम शिकस्त खाए लोगों के लिए।

प्रेम में टूटे हुए लोग,
सारी जिंदगी को कहीं दांव लगाकर हारे हुए लोग
थके-हारे लोग, गुमनाम लोग

वो बूढ़े पिता जो अब अकेले रह गए हैं
वो कल्पनाओं में खोया रहने वाला बच्चा
जो परीक्षा में फेल हो गया है
वो लड़की जो तेज कदमों से घर की तरफ लौट रही है
वो बूढ़ा गुब्बारे वाला जो कांपते हाथों से पैसे गिनता है

एक असफल लेखक
मैच हार गया खिलाड़ी
इंटरव्यू से वापस लौटा युवा

और ऐसे तमाम लोग
जिन्हें पता था कि वे सफल हो सकते हैं
मगर उन्होंने असफलताओं से भरा रास्ता चुना,

वो लोग जिन्होंने
हमेशा गलत राह पर चलने का जोखिम उठाया
वो लोग जिन्होंने
गलत लोगों पर भरोसा किया
वो जिन्होंने
चोट खाई, धोखा खाया, ठोकर खाई
गिरे और धूल झाड़कर खड़े हुए
वे कहां जाएंगे ?

क्या कोई ऐसी दुनिया होगी
जहां दो हारे हुए इंसान
एक-दूसरे की हथेलियां थामे
कई पलों तक खामोश रह सकते हों
अपनी चुप्पी में तकलीफ बांटते हुए।

जिन्होंने इकारस की तरह
सूरज की तरफ उड़ान भरी
और उनके पंख पिघल गए
हारे हुए लोगों के लिए कोई जगह नहीं है
न किसी घर में, न समाज में, न किसी देश में।

क्या जो विजेता थे
वो इनसे बेहतर हैं? बेहतर थे?

नहीं, वही हारा जिसने जिंदगी की अनिश्चितता पर यकीन किया
वही जिसने अनजान रास्तों पर चलने का जोखिम उठाया
जिसने गलती करनी चाही , जो मक्कार चुप्पियों के पीछे छिपा नहीं।
जो बोल सकता था मगर बोला नहीं

उसने वो चुना जिसे चुनने का कोई तर्क नहीं था
सिवाय उसकी आत्मा के
जो हारा आखिर वो भी एक नायक था।

एक पराजित नायक के दर्द को
कौन समझना चाहेगा?

जाएंगे कहाँ सूझता नहीं
चल पड़े मगर रास्ता नहीं
क्या तलाश है कुछ पता नहीं
बुन रहे हैं दिल ख़्वाब दम-ब-दम।

 #मक्खन नहीं जहर ह यह।आजकल किसी भी ढाबे पर जाओ मक्खन दिल खोल कर खिला रहा है. खाने के साथ कटोरी में या परांठों के ऊपर मक्...
15/07/2023

#मक्खन नहीं जहर ह यह।
आजकल किसी भी ढाबे पर जाओ मक्खन दिल खोल कर खिला रहा है. खाने के साथ कटोरी में या परांठों के ऊपर मक्खन के बड़े से क्यूब रख दिए जाते हैं या फिर इस मक्खन को दाल और सब्जियों के ऊपर गार्निश की तरह डाल दिया जाता है.
खाने वाले गदगद हो जाते हैं की देखो क्या कमाल का होटल है पूरा पैसा वसूल करवा रहा है.

ये मक्खन नहीं सबसे घटिया पाम आयल से बनी मार्जरीन है.
बटर टोस्ट, दाल मखनी, बटर ऑमलेट, परांठे, पाव भाजी, अमृतसरी कुल्चे, शाही पनीर, बटर चिकन और ना जाने कितने ही व्यंजनों में इसे डेयरी बटर की जगह इस्तेमाल किया जा रहा है और आपसे दाम वसूले जा रहे हैं डेयरी बटर के.
कुछ लोगों को ढाबे पर दाल में मक्खन का तड़का लगवाने और रोटियों को मक्खन से चुपड़वा कर खाने की आदत होती है. उनकी तड़का दाल और बटर रोटी में भी यही घटिया मार्जरीन होती है.

लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए इसे जीरो कैलेस्ट्रोल का खिताब भी हासिल है. क्योंकि मेडिकल लॉबी ने लोगों के दिमाग में ठूंस दिया है कि बैड कोलेस्ट्रॉल ह्रदय घात का प्रमुख कारण है.
इसीलिये आजकल जिस भी चीज पर जीरो कोलेस्ट्रॉल लिखा होता है जनता उसे तुरंत खरीद लेती है.

इस प्रकार के उत्पाद जो किसी असली चीज का भ्रम देते हैं उनपर सरकार को कोई ठोस नियम बनाना चाहिए.
सरकार को चाहिये इस मार्जरीन का रंग डेयरी बटर के रंग सफ़ेद और हल्के पीले के स्थान पर भूरा आदि करने का नियम बनाये जिससे लोगों को इस उत्पाद को पहचानने में सुविधा हो ताकि उन्हें मक्खन के नाम पर कोई मार्जरीन ना खिला सके...
आप मार्जरीन के बारे मे और अधिक गूगल पर सर्च कर सकते है यह मखख्न नही है

घर का बना मख्खन ही उतम है

Address

Basti
272001

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm

Telephone

+918006121888

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ajeet Mishra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Ajeet Mishra:

Shortcuts

Share