28/10/2024
बार-बार पड़ते हैं बीमार तो पहनें मूंगा रत्न, जानें इसके स्वास्थ्य लाभ ...
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्वपूर्ण स्थान है।
वैसे तो मंगल का अर्थ कल्याणकारी होता है
लेकिन जब मंगल ग्रह के संदर्भ में इसका प्रयोग किया जाता है तो इसका एक अर्थ नकारात्मक भी हो सकता है।
यह अस्थि रोग विशेषज्ञ, खून की जांच, ब्लड से संबंधित लेबोरेट्री का प्रतिनिधित्व करता है। इसके नकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति को नेत्र रोग, वात रोग, गठिया, फोड़े-फुंसी और किडनी स्टोन हो सकता है।
इसके अलावा जोड़े में दर्द, जोड़ों का काम करना बंद कर देना, चोट लगना या जख़्म हो जाना, बार-बार बुखार होना, शरीर में कंपन होना, शरीर की शक्ति कमज़ोर होना आदि स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
मंगल के दुष्प्रभाव से अधिकतर रक्त संबंधी बीमारियां, जैसे कि रक्त की कमी या अशुद्धि हो जाती है। इसके नकारात्मक प्रभाव से महिलाओँ में मासिक धर्म और प्रजनन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
मंगल को साहस, ऊर्जा, बल, विस्फोटक सामग्री के व्यवसाय, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, पहलवानी, सुरक्षा के क्षेत्र से संबंधित कार्य करने वाले (जैसे कि सेना, पुलिस),
राजनीति, ईंट-भट्टे के कार्य, ज़मीन-प्रोपर्टी से संबंधित कार्य, बिल्डर व बिल्डिंग मटिरीयल सप्लायर का कारक ग्रह माना जाता है।
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो इसका निवारण मूंगा रत्न धारण करके किया जा सकता है। मूंगा मंगल का रत्न है।
रत्नशास्त्र के अनुसार मंगल को प्रबल करने के लिए इस रत्न को धारण करना सबसे लाभकारी होता है। ख़ासकर स्त्री संबंधी रोगों से मुक्ति के लिए यह रत्न वरदान है।
तो, आइए, आपको बताते हैं मूंगा रत्न क्या है? जानिए, इसके स्वास्थ्य एवं ज्योतिषीय लाभ और इसे धारण करने की विधि...
मूंगा रत्न क्या है?
मूंगा समुद्र की गहराई में पाई जानी वाली वनस्पति है जिसे मंगल का रत्न कहा जाता है। पानी से बाहर आने के बाद हवा के संपर्क में आने से यह कठोर हो जाता है।
यह लाल रंग के अलावा अन्य रंगों में भी मिलता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल पापी होकर अशुभ फल दे रहा हो,
उसे नियंत्रित करने के लिए यह रत्न धारण करना चाहिए। इसके धारण करने के अनेक लाभ हैं लेकिन यह रत्न हर किसी को नहीं धारण करना चाहिए।
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तकनीकी संरचना
समुद्र की गहराई में पाया जाने वाला मूंगा रत्न मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट होता है जिसका रासायनिक सूत्र CaCO3 होता है। मोह्स स्केल (Mohs Scale) पर इसकी कठोरता 4 से कम होती है
और इसका विशेष घनत्व 2.68 होता है। मूंगा की विशेषता इसका लाल रंग है जिसका इस्तेमाल आभूषणों में किया जाता है। सबसे बेहतर क्वालिटी के मूंगा रत्न श्रीलंका में पाए जाते हैं।
इसके अलावा मूंगा रत्न ब्राज़ील, भारत और अमेरिका समेत आदि कई देशों में भी पाए जाते हैं।
मूंगा रत्न पहनने के लाभ
मूंगा रत्न धारण करने से कई लाभ होते हैं। इसे धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, रक्त संबंधी बीमारियों से छुटकारा मिलता है, दुश्मनों और बुरी आत्माओं से बचाव होता है, शारीरिक और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
यह रत्न मंगल से संबंधित सभी दोषों को दूर करता है। इसके अलावा मूंगा पहनने से नेतृत्व क्षमता का विकास होता है जिससे व्यक्ति जीवन की कड़ी चुनौतियों से लड़ने में सक्षम बनता है। इससे जीवन में प्रेम और सुख-समृद्धि आती है।
मूंगा रत्न पहनने के स्वास्थ्य लाभ
मूंगा रत्न निम्न स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सहायक है:
यह रत्न रक्त और रक्त की अशुद्धि और इससे संबंधित विभिन्न बीमारियों से मुक्ति पाने में मदद करता है। इससे रत्न को धारण करने से उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।
यह पेट दर्द, सर्दी और खांसी से बचाने में मदद करता है।
यह अस्थि रोग, जैसे कि बोन मैरो और सिर की बीमारियों से बचाव में लाभकारी है।
यह रत्न शारीरिक शक्ति और ह़ड्डियों को मज़बूत बनाने में सहायक है।
इसके अलावा यह कैंसर, ब्रेन ट्यूमर जैसी घातक बीमारियों में भी मददगार है।
यदि किसी को बवासीर या गंजेपन की समस्या है तो उसे हाथ में यह रत्न धारण करने से लाभ होता है।
त्वचा संबंधी रोगों, गला, हृदय, गठिया और श्वास संबंधी रोगों से निजात दिलाने में यह रत्न बेहद फ़ायदेमंद है।
इस रत्न को पहनने से व्यक्ति का आलस दूर भागता है।
वह अपने कार्य को गंभीरता से लेने लगता है।
मिर्गी या पीलिया रोगियों के लिए मूंगा रत्न अत्यंत लाभकारी है।
उदासी या मानसिक तनाव पर काबू पाने के लिए मूंगा रत्न अवश्य धारण करना चाहिए।
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को यह रत्न पहनने से विशेष लाभ होता है।
स्त्री रोगों से मुक्ति के लिए वरदान है यह रत्न
महिलाओं के लिए मूंगा रत्न किसी वरदान से कम नहीं है। यह रत्न पहनने से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी निम्न लाभ होते हैं:
यह रत्न स्त्रियों में रक्त की कमी (एनीमिया), रक्तचाप और मासिक धर्म संबंधी परेशानियों को दूर करने में मदद करता है।
ऐसा माना जाता है कि यदि गर्भवती महिला मूंगा रत्न धारण करती है तो पहले 3 महीने में गर्भपात होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
यह रत्न स्त्री संबंधी रोगों जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर और प्रजनन संबंधी रोगों में मददगार है।
बच्चों के लिए मूंगा रत्न के लाभ
मूंगा रत्न धारण करने से बच्चों को निम्न लाभ होते हैं:
यह रत्न पहनने से बच्चों को कुपोषण और पेट दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होतीं।
इस रत्न को सोने/चांदी या तांबे में पहनने से भूत-प्रेत और बाहरी हवा का भय नहीं रहता जिससे बच्चों को नज़र नहीं लगती।
विद्यार्थियों के लिए भी यह रत्न बहुत फायदेमंद होता है। आत्मविश्वास में वृद्धि और विचारों में सकारात्मकता लाने के लिए वे यह रत्न धारण कर सकते हैं।
मूंगा रत्न के ज्योतिषीय लाभ
रत्नशास्त्र के अनुसार मूंगा रत्न से निम्न ज्योतिषीय समस्याओँ का समाधान संभव है:
मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को मूंगा रत्न पहनने से लाभ होता है। इसलिए अगर मंगल दोष के कारण आपके विवाह में बाधा आ रही हो तो यह रत्न अवश्य धारण करें।
अगर कुंडली में राहु या शनि के साथ कहीं भी मंगल बैठा हो तो आपको यह रत्न धारण करने से लाभ होगा।
प्रथम भाव में यदि मंगल बैठा हो तो भी मूंगा रत्न धारण करना चाहिए।
मंगल अगर तीसरे भाव में बैठा हो तो भाई-बहनों से क्लेश रहता है। ऐसी स्थिति में भी मूंगा रत्न धारण करना चाहिए। इससे रिश्तों में मधुरता आती है।
चौथे भाव में मंगल हो तो जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब रहता है। ऐसी स्थिति में भी मूंगा धारण करना चाहिए।
कर्ज़ की समस्या से मुक्ति पाने के लिए यह रत्न बहुत अधिक फ़ायदेमंद है। इसलिए कर्ज़ के बोझ से परेशान लोग यह रत्न धारण करें तो लाभ होगा।
मूंगा पहनने से मन में ईष्या-द्वेष की भावना नहीं आती। साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
पुलिस, आर्मी, डाक्टर, प्रॉपर्टी का काम करने वाले, हथियार निर्माण करने वाले, सर्जन, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर इन्जीनियर आदि लोगों को मूंगा पहनने से विशेष लाभ होता है।
मूंगा रत्न धारण करने की विधि
मंगल ग्रह का रत्न होने के कारण इसे मंगलवार को धारण किया जाता है। मूंगा को सोने, चांदी या तांबे की अंगूठी में डालकर पहना जा सकता है।
अंगूठी में मूंगा का वज़न कम से कम 6 रत्ती का होना चाहिए। आप इसे तर्जनी, मध्यमा या अनामिका अंगुली में धारण कर सकते हैं।
मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और लाल आसन पर बैठ जाएं। इस रत्न की अंगूठी पर गंगाजल छिड़कें। इसके बाद ‘’ऊँ भौं भौमाय नम:’’ मंत्र का 108 बार जाप करें और फ़िर इसे धारण करें।
मूंगा धारण करने संबंधी सावधानी
मूंगा रत्न मंगल के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और उसके प्रभाव को नष्ट करने के लिए पहना जाता है। लेकिन इस रत्न को अगर किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह के बिना धारण किया जाए तो इसका आप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है:
बिना सलाह के धारण करने से आपको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इनमें रक्त संबंधी विकार होने की संभावना अधिक रहती है।
आपके वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ सकती हैं।
आप अतिआत्मविश्वास का शिकार हो सकते हैं।
दूसरों के प्रति आप में ईष्या और द्वेष की भावना आ सकती है।
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