11/04/2025
Subah Ki Soch – Shahbaj ke Saath
“एक कप चाय,
एक खुली खिड़की,
और एक पल... बिना किसी दबाव के।
सुबह का असली सुकून बस इतना ही तो होता है।
ना किसी से बात करनी होती है,
ना खुद को समझाने की ज़रूरत।
बस अपने साथ एक कच्ची-सी ख़ामोशी,
और ज़िंदगी को महसूस करने का मौका।
जहाँ कुछ भी परफेक्ट नहीं होता,
लेकिन सब कुछ ठीक लगता है....