27/03/2024
ये है शमशान,मुक्ति का द्वारजहां महाकाल स्वंग विराजते हैयहां अक्सर अपने ही अपने को लाते हैंयहां कोई भेदभाव नहींना धर्म, ना वर्ण, ना कुलना अमीर ना गरीबना कोई संबंध ना कोई रिश्ता,ना कोई पिता ना कोई पुत्रना कोई माता, ना परिवार से नाताशरीर से आत्मा का पलायनऔर अर्जित किया गया मोह...
ये है शमशान,मुक्ति का द्वारजहां महाकाल स्वंग विराजते हैयहां अक्सर अपने ही अपने को लाते हैंयहां कोई भेदभाव नहींना ....