11/08/2026
रावण नहीं हम पलने देंगे साधुओं के भेस में, अफ़ज़ल नहीं पनपने देंगे अब्दुल कलाम के देश में !
हिंदू हो या मुसलमान अब शीश नहीं कटने देंगे, क़सम तिरंगे झंडे के अब ये देश नहीं बटने देंगे !
(ना पूछो जमाने से कि क्या मेरी कहानी है, हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम हिंदुस्तानी🫡 हैं।)