16/02/2021
इनमें से एक अ़ज्वा खजूर है और दूसरी अ़ज्वा के नाम से चलाई जाती है। अ़ज्वा के नाम से अ़ज्वा की low ग्रेड व अन्य खजूर भी पोलिश करके चलाई जाती हैं। ज़ाहिर सी बात है अ़ज्वा का क्रेज़ इतना है कि लोगो के ज़हन में by डिफ़ॉल्ट एक धारणा बनी हुई है कि अ़ज्वा दिखने में प्यारी, खाने में मीठी और काटने चबाने में सबसे सॉफ्ट होगी लेकिन ऐसा है नहीं। देखने में अजवा से प्यारी, खाने में अजवा से मीठी और चबाने में अ़ज्वा से भी सॉफ्ट और बहुत सारी खजूर हैं। इनमें से जो लेफ्ट वाली छोटी सी है जिसमे आपको धूल जैसा दिख रहा है यह अ़ज्वा मदीने में मस्जिद-ए-नबवी के पास एक इलाक़ा है जिसे आलिया (Highland) कहते हैं, जिसकी वजह से इसका नाम "अ़ज्वतुल आलिया" है, जो तक़रीबन आठ किलोमीटर में फैला हुआ है वहां से लाई गई है और दूसरी हमारे एक दोस्त ने जुबैल में खरीदी है। खाने में जुबैल वाली मीठी और सॉफ्ट है जबकि अ़ज्वा उसके मुकाबले में कम सॉफ्ट है।
शहद में भी यही मसअला है, असली शहद ( जामुन और बबूल को छोड़कर) सभी शहद जम सकते हैं लेकिन लोगों में ग़लतफहमी यह है कि असली शहद नहीं जमता। इसलिए शहद में केमिकल मिलाकर बेचने वाले ग्राहक को ख़ामोश करते हैं।
हमारी अ़ज्वा आपको बिना पोलिश मारी, दिखने में थोड़ी कम आकर्षक और 20 में से 1 खजूर टाइट मिल सकती है। लेकिन जो कहा जाएगा आपको वही दिया जाएगा। आपको मदीने की फ्रेश अ़ज्वा चाहिए वह आपको यहां से मिलेगी, आपको बिना केमिकल शहद चाहिए वह आपको मिलेगा, हमारे पास पाश्चरीकृत और raw दोनों हनी मिलेंगे, पाश्चर करने से wax निकल जाता है raw में वैक्स भी चिपका रहता है ऑप्शन आपके पास है कौनसा चाहिए।