टोरमो

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24/02/2018

Do you own a helmet? This might be useful for you.

We regularly conduct tests to find the best products and during our tests to find the best helmet, we conducted a survey. We wanted to see how many helmets in India were actually ISI certified. We went to over 50 shops and inspected over 100 widely available brands of helmets to see if they were actually ISI certified. To conduct our survey, we took a printout of BIS’s list of certified helmet brands and then jumped from shop to shop and inspected helmets for their CM/L code. What we found scared us.

For those of you who don't know CM/L number is the number located below the ISI mark on your helmet. Each company has a unique CM/L number.

We cross-checked the CM/L number with the BIS’s list.

Here we found, 5 helmets with CM/L numbers that didn’t tally with our BIS list. The five helmets with were:

Rstar (also Rocking and Ggod Singh), Recron, Blaze, Bright
and King.

On closer inspection, we found that Rstar had their license cancelled and Recron’s license was expired. But for the other companies, BIS’s site gave the same message “License does not exist”.

Here’s what is horrifying. These helmets are actually claiming to be ISI certified when in reality they are not. In our opinion, this is far worse than a helmet without ISI certification. At least on helmets without certification, they do not put up these fake ISI marks. So when people buy a helmet without an ISI mark, they know what they are doing. But here, these 5 companies are actually misleading people who want an ISI certified helmet to believe they have an ISI certification. Helmets are our last line of defence, and it only makes sense to wear certified ones. We highly recommend you stay away from the above-mentioned companies and their brands. Also, you should check if your helmet is ISI certified here: http://www.bis.org.in/cert/rep_appl_lic.asp

We bought two of the helmets with fake ISI marks and tested these helmets along with the others we tested and here's what we found:

Protection: Both the helmets with fake ISI marks did not survive our crash tests. Recron, which is even available on Flipkart and Indiamart, could be easily bent with the mere force of hand, which does not allow for a lot of protection. Furthermore, we also tested the retention straps, which could be easily undone with a pull. Retention straps which can be easily undone do not offer any protection to the rider.

Wind Noise Isolation: Our panel of riders used the helmets and drove at a speed of 30 to 40km/hr. There was no wind noise isolation; the wind could be heard clearly and irritated the drivers. Our drivers found that these helmets made their ears ache.

Comfort: These helmets offered no comfort to our riders. The helmet’s had no foam padding, which was extremely uncomfortable for our riders. Additionally, the retention strap was non-adjustable, thereby defeating its purpose. Along with this, we also found that these fake ISI marked helmets come in free sizes and do not fit the rider properly and is tremendously uncomfortable.

Share this article with people you know who have helmets. This would be useful for them and could one day save their life!

Read more about our story here: https://goo.gl/eS4XQG

05/01/2018

You! Yes, you! Do you think you can win some of the stuff mentioned below? Win our competition and choose your prize from this list below.

Bluetooth speakers - Sony SRS-XB30
Smartphones - Redmi Note 4 (3Gb/32GB)
Bluetooth speakers - House of Marley Liberate
Bluetooth speakers - UE Wonderboom
Bluetooth speakers - Sony Extra Bass SRS-XB10
Bluetooth speakers - Boat Stone 600 Bluetooth
Bluetooth speakers - JBL Go
Bluetooth speakers - Zoook ZB-JAZZ
Bluetooth speakers - Juarez Beast JAB700
Bluetooth speakers - Max Pi C5
Bluetooth speakers - JBL Flip 4
Smartphones - Lenovo K8 plus (3Gb/32GB)
Smartphones - Infinix note 4 (3Gb/32GB)
Smartphones - Redmi Y1 (3Gb/32GB)
Power banks - Syska Power Pro 200- 20000 mAh
Power banks - Coolnut Ultra 20000mAh
Power banks - PNY BE-740 10400mAH
Power banks - ADATA PT100 Adata 10000 mAh
Power banks - Moerdon 20000mAH
Power banks - Ambrane P-1122 NA 10000 mAh
Power banks - Syska Power Boost 10000 mAh
Power banks - Intex IT-PB11K 11000 mAh
Power banks - Ambrane P-1133 12500 mAh
iron box - Philips gc1905
iron box - Philips gc 1010
iron box - Philips HD1134
iron box - Bajaj DX7 dry
iron box - Morphy Richards Inspira
iron box - Orpat OE187 I
Convection Microwave Oven - Morphy Richards 25 L
Convection Microwave Oven - Kenstar 20 L
Convection Microwave Oven - IFB 23 L
Hair straighteners - Philips Kerashine Jojoba
Hair straighteners - Philips Kerashine
Hair straighteners - Vega vshs-07
Hair straighteners - Philips BHS384
Hair straighteners - Nova NHS 870
Hair straighteners - Nova NHS 860
Hair straighteners - Kemei KM-329

Enter the competition here: https://goo.gl/q3EzsD

05/01/2018
क्या कारण है की ओलिंपिक एथलीट अपना गोल्ड मैडल चबाते हैं | कारण जानने के बाद आप अपने हाथ माथे पर रख लेंगे |आपने यह देखा ह...
18/08/2016

क्या कारण है की ओलिंपिक एथलीट अपना गोल्ड मैडल चबाते हैं | कारण जानने के बाद आप अपने हाथ माथे पर रख लेंगे |

आपने यह देखा होगा के हर खेल के बाद एथलीट अपने मैडल को कुछ इस तरह चबाते हैं. क्या आप जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हैं??.......

यह असल में दिखाने के लिए नहीं है| यह बहुत पुराना तरीका है जो की बाद में सारे खिलाडी करने लगे पर इसके पीछे स्पष्ट कारण है|

पहले, जब खिलाडी को स्वर्ण पदक मिलता था ,तो वह असली सोने का होता था न की स्वर्ण की परत | खिलाडी पदक की असलियत पता करने के लिए उसे चबा देखते ठेकी वह असली स्वर्ण है की नहीं | चूँकि स्वर्ण बहुत कोमल धातु है इस पर दांतों के निसान पड़ जाते | अर्थात खिलाडियों की ये पदक चबाने की आदत स्वर्ण की असलियत जानने के लिए है | धीरे धीरे यह परंपरा बन गयी | आजकल पदक में सिर्फ सोने की परत होती है उन पर दांतों के निशान नहीं बनते | खिलाडी भी यह जानते हैं फिर भी वे उस पुराणी परंपरा का पालन कर रहें हैं |

काफी दिलचस्प ,है की नहीं |

यह कहानी की कैसे और क्यों एक औरत ने १६ साल तक उपवास किया और क्यों उसने आगले साल होने वाले चुनावों के लिए अपनी भूक हड़ताल ...
12/08/2016

यह कहानी की कैसे और क्यों एक औरत ने १६ साल तक उपवास किया और क्यों उसने आगले साल होने वाले चुनावों के लिए अपनी भूक हड़ताल तोड़ दी?

इरोम शर्मीला – एक मानव अधिकार कार्यकर्ता जो मानव अधिकार उल्लंघन के खिलाफ लड़ने के लिए जानी जाती है , वे पहले से ही उस शांति आन्दोलन का हिस्सा थी जो मणिपुर मानव अधिकार उल्लंघन को लेकर था | जब असम राइफल्स ने नवम्बर २००० में १० मासूमों की हत्या कर दी जो की छोटे से शहर मालोम के बस स्टॉप पर बस का इंतेजार कर रहे थे |

इस घटना ने इरोम शर्मीला को १६ साल लम्बी भूक हड़ताल पर जाने को मजबूर कर दिया , यह किसी भी मनुष्य के द्वारा किआ गया सबसे लम्बा उपवास है |

इरोम शर्मीला की मांग थी की भारत सरकार “आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट” को हटाये जिसने सेना को मणिपुर में ज्यादा अधिकार दे रखें हैं |

उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उस पर आत्महत्या के कोशिस करने का आरोप लगाया गया | जब उसकी हालत ख़राब हो गई तो उसे जबरदस्ती नेसल ट्यूब के द्वारा सीधे पेट में खाना डाला गया यह डाइट उबला चावल ,दाल और सब्जियों की थी ताकि उसे जेल में जिन्दा रखा जा सके |

सरकार ने उसे आत्महत्या के कोशिस के आरोप में कई बार गिरफ्तार किया छोड़ा फिर गिरफ्तार किआ पर वे उसकी आत्मा को नहीं तोड़ पाए | इरोम शर्मीला की भूक हड़ताल ने अंतरास्ट्रीय ध्यान आकर्षित किआ, यूरोपियन संसद के सदस्यों ने भी भारत को इस बारें में लिखा पर कुछ नहीं हुआ |

शर्मीला ने पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को ख़त लिखा पर इसका भी कोई फर्क नहीं पड़ा |

इसलिए , उसने यह निर्णय लिया की वह ९ अगस्त को अपना उपवास तोड़ेगी और राजनीतिक रास्ते से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करेगी | उसने इस ओर इशारा किया है की वह मणिपुर में अगले साल होने वाले चुनावों में हिस्सा लेगी |

वह मानवाधिकारों के लिए दिए जाने वाले ग्वान्जू पुरुस्कार की विजेता हैं | एशियाई मानव अधिकार आयोग ने उसे लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरुस्कार दिया है |

Source:
https://goo.gl/JVPggr
https://goo.gl/wOpYwm

प्रिमोर्सकी करे सफारी पार्क , रूस | एक सबेरियन बाघ उस बकरी का मित्र बन गया जो उसे खाने के लिए दिया गया था |यह पहली बार न...
11/08/2016

प्रिमोर्सकी करे सफारी पार्क , रूस | एक सबेरियन बाघ उस बकरी का मित्र बन गया जो उसे खाने के लिए दिया गया था |

यह पहली बार नहीं था आमूर जो की एक तीन साल का नर साइबेरियन बाघ है को एक जिन्दा बकरी शिकार के लिए दी गई | वह जिन्दा बकरी नवम्बर २०१५ में रात्रि भोजन बनने के लिए थी परंतु आश्चर्यजनक रूप रूप से वह अन्य शिकारों की तरह मारी नहीं गई | एक बार जब उसे बाघ की चार दीवारी के अन्दर छोड़ा गया तो उसने एक शिकार की तरह शिकारी के सामने भागने की कोशिस नहीं की बल्कि वह खड़े होकर बाघ को देखने लगा | आमूर जो की तिमुर (बकरे का नाम ) इस प्रतिक्रिया से आश्चर्यचकित था ने उस पर आक्रमण नहीं किआ
बल्कि अपने खाने का त्याग कर दिया | अब वो इतने अच्छे मित्र बन गएँ हैं की वें एक दूसरे से अलग ही नहीं होते हैं ,वे कभी कभी एक साथ चलते हैं और एक साथ खेलने का भी प्रयास करते हैं ये सब वो आश्चर्यचकित बिभाग के कर्मचारियों और देखने आने वालों के सामने करतें हैं |

कुछ लोगों का मानना है की उनकी मित्रता ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगी तिमुर एक न एक दिन आमूर के द्वारा खा लिया जायेगा जब वह ज्यादा भूका होगा, वे दोनों को अलग करने का सुझाव देते हैं | बहरहाल वर्तमान में तिमुर ,आमूर को अल्फा नर की तरह देखता है और हर जगह उसके पीछे चलता है | वे एक दुसरे से टकरातें रहतें हैं और पानी भी बांटते हैं और ऐसा लगता है की उन्हें
अलग नहीं किआ जा सकता | बकरा तब शंकित हो जाता है जब वह बाघ को आँखों से ओझल होते देखता है और तुरंत ही उसकी खोज में लग जाता है ,आमूर भी उसका ख्याल रखता है वह चलते हुए रुक जाता है और इंतेजार करता हैं जब वह देखता हैं की तिमुर पीछे छूट गया |

उनकी मित्रता का आमूर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है अपने इस मित्र को जानने से पहले वह दिन रात दहाड़ते रहता था अब वह काफी शांत और निशचिंत रहता है | प्रिमोर्सकी सफारी पार्क ने दोनों मित्रों को अलग न करने का निर्णय लिया है उन्होंने वहां १६ कैमरे लगाकर उनकी असामान्य मित्रता को रियलिटी शो
बना दिया है |

कितना अच्छा है | दिसम्बर २०१५ में पार्क के कर्मचारियों ने बताया की बकरे ने अपनी नस्ल के अनुसार आक्रामक व्यबहार दिखाना शुरू कर दिया है |एक दिन बर्फ गिरते समय आमूर ने तिमुर को बर्फ से बचने के लिए अपने आश्रय से बाहर निकाल दिया | देखने वालों का कहना है की आमूर ने आश्रय में सोने का प्रयास किआ पर तुरंत ही तिमुर उसकी और दौड़ा और तब तक लगातार उसकी
ओर आक्रमण करते रहा जब तक बाघ ने आश्रय खली नहीं कर दिया |
लगता है की कैद के जीवन ने आमूर से उसकी शिकारी प्रवृति चीन ली है जिससे वह तिमुर से लड़ाई से कतराने लगा है | तिमुर जो उसे कोई खतरा नहीं मानता है | अच्छी बात यह है( फ़िलहाल के लिए ) की जू ने दोनों के लिए चार दिवारी के भीतर पर्याप्त सूखी जगह की व्यवस्था कर दी उन दूनो के लिए अलग अलग आश्रय बना कर |

11/08/2016

कुछ लोगों का भाग्य हमेशा साथ क्यों देता है ?

कुछ लोगों का भाग्य हमेशा साथ क्यों देता है , जबकी औरों को वह मौका मिलता ही नहीं जिसके वे लायाक हैं|

मनोवैज्ञानिको का कहना है की उन्होंने इसका उत्तर खोज लिया है | दस साल पहले , मैंने भाग्य का पता करने का इरादा किआ | मैं यह जानना चाहता था की क्यों कुछ लोग सहीं वक़्त पर सहीं जगह पर होतें हैं ,जबकि कुछ की किस्मत हमेशा ख़राब ही रहती है | मैंने रास्ट्रीय अखबारों में इश्तेहार दिए और उनमे कहा की जिन लोगों को लगता है की उनकी किस्मत हमेशा अच्छी या हमेशा बुरी रहती है मुझसे आकर मिलें|

पिछले वर्षों में सैंकड़ो पुरुष और महिलाएं मेरी रिसर्च में हिस्सा लेने के लिए मेरे पास आये , मैंने उनका साक्षात्कार लिया,उन्हें आपना जीवन जीतें देखा ,इस तरह उन्होंने मेरे प्रयोग में हिस्सा लिया |

मैंने यह जानने के लिए प्रयोग किआ की इसका कारण क्या उनकी मौकों को पहचानने काबलिअत में कमी है | मैंने भाग्यशाली और अभाग्यशाली दोनों को अखबार दिया और पुछा की देख के बताएं की इसमें कितने चित्र हैं | मैंने खुफिया रूप से अन्दर एक सन्देश लिख दिया की “ प्रयोग करने वाले को इस सन्देश के बारे में बताईये और 50$ जीतिए ”|

सन्देश ने आधा पेज लिया और दो इंच मोटे अक्षरों से लिखा गया था | यह इतना बड़ा था की किसी की आँखों से चूक नहीं सकता था पर अभाग्यशाली लोगों ने इस छोड़ दिया और भाग्यशाली लोगों ने इसे देख लिया | अभाग्यशाली लोग भाग्यशाली लोगों के आपेक्षा ज्यादा शंकित रहते हैं और इस कारण से वे अनापेक्षित को देखने के क्षमता खो देतें हैं | परिणामस्वरुप वे मौका खो देते हैं क्योंकि वे किसी और चीज़ को देखने के लिए ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं | वे पार्टियों
में सम्पूर्ण जीवनसाथी की तलाश में जाते और अच्छे मित्र बनाने का मौका छोड़ देते हैं | वे अख़बार में किसी एक तरह के मौके तलासते हैं और दूसरी तरह की नौकरी के मौके छोड़ देते हैं | भाग्यशाली लोग ज्यादा खुले हुए होते हैं ,इसलिए वे वह भी देख लेते हैं जिसकी तलाश में वे नहीं हैं |मेरी खोज

से पता चला की भाग्यशाली लोग अच्छी किस्मत चार सिधांतो की वजह से पैदा करते हैं |

वे मौकों को पहचानने की कबलिअत रखतें हैं\

वे भाग्यशाली निर्णय लेते हैं अपने अन्तमन की आवाज सुनकर |

वे सकारत्मक सोच रखकर सकारात्मक परिणाम पातें हैं |

बुरे भाग्य को अच्छे भाग्य में बदलने का द्रण निश्चय रखतें हैं |

source:http://www.richardwiseman.com/resources

19/07/2016

आप अपने घर के रास्ते पर थे जब आपकी मृत्यु हो गयी |

वह एक कार दुर्घटना थी | कुछ असाधारण नहीं पर घातक जरूर थी | आप अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए | ये एक दर्दरहित मृत्यु थी| आपको बचाने के लिए चिकित्सक ने अपना सर्वोत्तम प्रयास किया परन्तु वे प्रयास निरर्थक रहे | आपका शरीर क्षत बिक्षत था भरोसा कीजिये आप मृत ही ठीक हैं ,तभी आप मुझसे मिले |

आपने पुछा “क्या ... क्या हुआ ”,”मैं कहाँ हूँ ”?

मैंने कहा “आप मृत हैं” बात छुपाने से तो कोई मतलब नहीं है|

“वहां ... एक ट्रक था वह फिसल रहा था |

“हाँ ” मैंने कहा |

“मैं ....मैं मर गया ”

“हां | परंतु बुरा मत मनाईये सभी मारतें हैं ”

आपने आस पास देखा |

“क्या यह पुनर्जन्म है”|

“यही समझिये” मैंने कहा|

आपने पुछा “क्या आप भगवान् हैं ”

“हाँ,” मैंने कहा ,”मैं भगवान् हूँ ”

“मेरे बच्चे ... मेरी पत्नी ”आपने कहा |

“उनके बारे में अब क्या ?”

“क्या वो ठीक रहेंगे ”

मैंने कहा “यही तो मैं देखना चाहता हूँ ”| तुम अभी मरे हो और तुम्हारी चिंता अपने परिवार के बारे में है| यह बहुत अच्छी बात है |

तुमने सम्मोहन के साथ मुझे देखा | मैं भागवान की तरह नहीं लगा ,मैं किसी आम आदमी की

तरह दिखा या एक औरत की तरह |शायद एक अस्पष्ट आधिकारिक व्यक्ति की तरह |मैं एक

व्याकरण शिक्षक की तरह ज्यादा दिख रहा था बजाय की भगवान् के |

मैंने कहा “चिंता मत करो ”|”वे ठीक होंगे ”.तुम्हारे बच्चे तुम्हे एक सम्पूर्ण व्यक्ति की तरह याद रखेंगे |

उनके पास तुम्हारे लिए दुर्भाव पैदा करने का समय ही नहीं है | तुम्हारी पत्नी बहार से तो रोएगी पर

अन्दर से अच्छा महसूस करेगी |सच कहूँ तो ,तुम्हारी शादी वैसे भी टूटने के कगार पर थी | अगर तुम्हे

अच्छा लगे तो मैं ये बताता हूँ की वह अच्छा महसूस करने के लिए अपने को दोषी मानेगी |” तुमने कहा “ओह” ” तो अब क्या होगा ”? मैं स्वर्ग जाऊंगा या नरक या कहीं और ?

मैंने कहा “कहीं नहीं ” “तुम्हारा पुनर्जन्म होगा”

तुमने कहा “अह” “इसका मतलब हिन्दू सहीं थे ”

मैंने कहा “सभी धर्म आपने आप में सहीं है ”,”मेरे साथ चलो ”

तुम मेरे पीछे पीछे शून्य में चले आये | ”हम कहाँ जा रहें हैं ”?

मैंने कहा “कहीं नहीं ””बस चलते हुए बात करते हुए अच्छा लगता है”

तुमने पुछा “तब इसका क्या मतलब है ” “मैं जब नया जन्म लूँगा तो खाली स्लेट होऊंगा ,है की नहीं?

तो मेरा सारा अनुभव आज तक मैंने जो किआ है उसका कोई मतलब नहीं होगा ”

“नहीं ”मैंने कहा |”तुम्हारे पास सारा ज्ञान और और अनुभव है जो तुमने पिछली जिंदगियो में अर्जित

किया है,तुम्हे बस वो याद नहीं है ”

मैंने चलना बंद कर दिया और तुम्हे कंधो से उठा लिया | “तुम्हारी आत्मा तुम्हारी कल्पना से भी ज्यादा

शानदार ,सुन्दर और बड़ी है | एक इंसानी दिमाग तुम्हारे एक छोटे से हिस्से को ही रख सकता है | यह

पानी के गिलास में ऊँगली डालकर गरम या ठंडा पता करने जैसा है | तुम अपने शरीर का छोटा सा

हिस्सा एक वर्तन में डालते हो , और जब उसे बापस निकालते हैं,तो यह सारी गिलास का अनुभव लिए

होता है”|

“तुम पिछले ४८ साल से एक इंसान हो | तुम अभी तक उससे बहार नहीं निकले हो, अपनी बाकी की

चेतना को अभी महसूस नहीं किया है,तुम एक बार जब यह शुरु कर लो तो तुम्हे सब याद आ

जायेगा|परंतु हर जिंदगी के बाद ये करने की जरुरत नहीं है ”

“तो,मेरा पुनर्जन्म कितनी बार हुआ है ”

“ओह बहुत बार ,बहुत सारी बिभिन्न जिंदगियों में ”मैंने कहा |”इस बार तुम ५४० AD में एक चाइनीज लड़की बनोगे ”

"तुमने हकलाते हुए कहा “रुको,क्या” ” तुम मुझे समय में पीछे भेज रहे हो ?”

“तकनीकी रूप से तो तुम सहीं हो | समय सिर्फ तुम्हारे ब्रम्हांड में है |मैं जहाँ से आता हूँ वहां चीजें अलग हैं”

तुमने कहा “तुम कहाँ से हो ?”.

“ओह,ठीक है ” मैंने समझाया “मैं कहीं से आता हूँ ,कहीं और से ,वहां मेरे जैसे और भी हैं |मुझे पता है

की तुम जानना चाहते हो की वहां रहना कैसा लगता है,पर सच कहूँ तुम नहीं समझोगे ”

"तुमने कहा “ओह”,”पर अगर मैंने समय में कहीं और जन्म लिया होगा तो क्या मैं अपने आप से मिला होऊंगा”

“हाँ ,ये कई बार होता हैं और दोनों जिंदगियों को सिर्फ अपने होने का ही पता होता है और तुम्हे पता ही

नहीं चलता है “

“तो इस सब का मतलब क्या है ?”

“सच में ”मैंने पुछा ”क्या तुम मुझसे सच में जीवन का मतलब पूछ रहे हो ? तुम्हे नहीं लगता ये कुछ

ज्यादा ही घिसा-पिटा सवाल है ?”

तुमने फिर से कहा “पर ये उचित सवाल है ”

मैंने तुम्हारी आँखों में देखा “जीवन का मतलब ये है की ,मैंने इस ब्रम्हांड की रचना इसलिए की ताकि

तुम पूर्ण विकसित हो सको ”

“तुम्हारा मतलब मानवता से है ? तुम हमें पूर्ण विकसित देखना चाहते हो |”

“नहीं दिर्फ़ तुम्हे | मैंने इस ब्रम्हांड की रचना सिर्फ तुम्हारे लिए की |हर नय जीवन के साथ तुम बेहतर

और ज्यादा बुद्धिमान होते जाते हो |”

“सिर्फ मैं ? बाकि सब का क्या ?”

मैंने कहा “सिर्फ तुम कोई और नहीं ” ”इस ब्रम्हांड में सिर्फ तुम और मैं हैं ”

तुम मुझे एकटक देखने लगे “पर धरती में इतने सरे लोग हैं...”

“सभी तुम हो, सभी तुम्हारे बिभिन्न पुनर्जन्म हैं ”

“रुको,सब मैं हूँ ?”

मैंने तुम्हारी पीठ पर हाथ रखकर सब्बासी देते हुए कहा “अब तुम समझ रहे हो ”

“मैं हर वो आदमी हूँ जो आज तक जीवन जी चुका है ”

“या जीने वाला है ,ठीक”

“मैं अब्राहम लिंकन हूँ ”

“और जान विल्केस बूथ भी ”

तुमने हैरान होकर कहा “मैं हिटलर हूँ ”

“और तुम वो लाखो लोग भी हो जो उसने मारे ”

“मैं जीसस हूँ ”

“और हर वो आदमी जो उनके पीछे चला ”

तुम शांत हो गए
”

मैंने कहा “तुमने जब किसी आदमी का बुरा किया ” ”तुम अपना ही बुरा कर रहे थे | तुमने जब किसी

पर दया की तो तुम अपने पर ही दया कर रहे थे |हर वह ख़ुशी और दुःख का लम्हा जो किसि के द्वारा

अनुभव किया गया है तुम्हारे द्वारा अनुभव किआ गया है ”

तुम लम्बे समय तक सोचते रहे

तुमने पूछा “क्यों?” ”ये सब क्यों?”

“क्योंकि एक दिन , तुम एक दिन मेरे जैसे बन जाओगे | क्योंकि तुम वही हो |तुम मेरे ही जैसे हो |

तुम मेरे बच्चे हो ”

तुमने कहा “ओह्ह” ” तुम्हारा मतलब मैं भगवान हूँ ”

“नहीं | अभी नहीं | तुम एक भ्रूण हो |तुम विकसित हो रहे हो| जब तुम हर समय में हर जीवन जी चुके

होगे तब तुम जन्म लेने के लिए विकसित हो चुके होगे ”

तुमने कहा “तो सारा ब्रम्हांड ” “ये बस एक.... ”

And I sent you on your way.

मैंने जवाब दिया “एक अंडा हैं” “अब समय आ गया है की तुम अपने अगले जीवन की तरफ बढ़ो”

Source: http://www.galactanet.com/oneoff/theegg_mod.html

15/07/2016

प्रधान मंत्री ने इस आदमी की जिन्दगी बदल दी ! पढ़िए यह सत्य कथा है |

मेरी पत्नी केरला में एक रास्ट्रीयकृत बैंक में कार्य करती थी | मैं बैंगलोर में में काम करता हूँ| वह अपना स्थानांतरण किसी भी तरह से बैंगलोर कराने के कोशिस कर रही थी | वह यूनियन लीडर्स को भी कॉल कर रही थी और स्थानांतरण की भीक मांग रही थी | वह बैंक के उच्च अधिकारी जैसे AGM ,DGM आदि को भी कॉल कर रही थी | हमने लगभग एक साल इंतज़ार किया पर कुछ नहीं हुआ | वे हर बार कुछ न कुछ बहाना बना देते थे | हम बहुत हतोउत्साहित थे , मेरे पास हर दो
हफ्ते में बैंगलोर से केरला आने के सिवाय कोई चारा नहीं था |

मेरी व्यथा सुनने के बाद ,मेरे एक सहकर्मी ने मुझे एक वेबसाइट के बारे में बताया जिसके द्वारा हम प्रधानमंत्री से सीधे बात कर सकते हैं (http://goo.gl/5vQcuo) | उसने मुझे इस वेबसाइट का उपयोग करने की सलाह दी | एक दिन मैंने यह वेबसाइट खोली और अपनी स्थानांतरण की समस्या के बारे में विस्तार से लिखा |

कुछ दिन बीत गए , मुझे कोई उत्तर नहीं मिला | मुझे लगने लगा की मेरी मेहनत बेकार में ही गयी,मैंने सारी उम्मीद छोड़ दी | दो महीने बाद मेरी पत्नी ने एक दिन मुझे कॉल किया और पुछा की क्या मैंने स्थानांतरण के विषय में कोई शिकायत दी है ,उसे नहीं पता था की मैंने क्या किया था | मैंने उसे बताया की मैंने प्रधानमंत्री से इसकी शिकायत की थी | उसने कहा की उसके ब्रांच मेनेजर को प्रधानमंत्री कार्यालय से मेरी शिकायत के विषय में फ़ोन आया | मैं पूरी तरह चौंक गया...!!

एक महीने के भीतर ही उसके स्थानांतरण के आदेश आ गए, मेनेजर ने मुझे दो बार कॉल करके इस विषय में बताया | आखिर स्थानांतरण हो ही गया ,एक बार फिर मुझे मेनेजर का कॉल आया और उसने एक मेल का निवेदन किआ जो ये कहे की समस्या हल हो चुकी है |

मैंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी की मेरी छोटी सी शिकायत से इतना बदलाव आ जायेगा | मैं खुश

हूँ की हमारे प्रधान मंत्री आम आदमी की छोटी से समस्या सुन सकते हैं |

हम ख़ुशी से बैंगलोर में रह रहें है | धन्यबाद प्रधानमंत्री जी :)

नोट:

१.मेरे ऊपर स्थानांतरण को लेकर कोई राजनीतिक दवाब नहीं था | मोदी सरकार आने के बाद, सरकारी कर्मियों में उन महिलाओ को स्थानांतरण के विषय में ताजीह दे गयी जो अपने परिवार से दूर रह रही है | यह बड़ा कारण था प्रधान मंत्री को लिखने के पीछे |मैंने रिफरेन्स में लिंक जोड़ दी है कृपया देखें | http://goo.gl/Bp5kZs

२.ऐसा नहीं है की प्रधानमंत्री ने मेनेजर को सीधा कॉल किया और स्थानांतरण का आदेश दिया..:) :) :) उनके पास टीम है जो लगातार वेबसाइट देखते रहती है और प्रधानमंत्री को लिखे खतों

का ध्यान रखती है |

Source: https://goo.gl/TvAVkb

आपको क्या लगता है शार्क और मनुष्य में जंग किसने जीती ? उत्तर आपको चौंका सकता है |लाल बिंदु मनुष्यों का संख्या है जो शार्...
15/07/2016

आपको क्या लगता है शार्क और मनुष्य में जंग किसने जीती ? उत्तर आपको चौंका सकता है |

लाल बिंदु मनुष्यों का संख्या है जो शार्क के द्वारा मरे गए , जो की लगभग ६३,०००,०००,- २७४,०००,००० है |हरे बिंदु मनुष्यों की संख्या है जो शार्क के द्वारा मरे गए ,कुल मिलाकर ७ २०१४ में |

Source: https://goo.gl/Dp22lZ

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