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Rana Brand क्षत्रिय एकता जिन्दाबाद ।

30/08/2026
मध्यप्रदेश में सौ फीसद आरक्षण लागू!71 सीटों पर निकाली गई वेकेंसी,जहां सभी सीटे पहले से ही आरक्षित?EWS CATAGORY KO BHI 0/...
30/08/2026

मध्यप्रदेश में सौ फीसद आरक्षण लागू!

71 सीटों पर निकाली गई वेकेंसी,जहां सभी सीटे पहले से ही आरक्षित?

EWS CATAGORY KO BHI 0/0

27/08/2026

हे क्षत्रिय ! चाहे कोई राखी बाँधे या ना बाँधे, रक्षा तुम हर नारी की करना !

चेतक केवल घोड़ा नहीं, महाराणा प्रताप का सच्चा साथी था। उसकी वफादारी और बलिदान अमर है। 🚩
25/08/2026

चेतक केवल घोड़ा नहीं, महाराणा प्रताप का सच्चा साथी था। उसकी वफादारी और बलिदान अमर है। 🚩

24/08/2026

23/08/2026

सवर्णों के आंदोलन के समय इन सबके मुँह पर जैसे ताले लग गए हैं। लगता है, इन्हें सिर्फ़ दलितों के वोट चाहिए, सवर्णों के वोट...
23/08/2026

सवर्णों के आंदोलन के समय इन सबके मुँह पर जैसे ताले लग गए हैं। लगता है, इन्हें सिर्फ़ दलितों के वोट चाहिए, सवर्णों के वोट की कोई ज़रूरत नहीं।

मेरे सवर्ण भाइयों, अब हमें भी अपने अधिकारों और अपनी आवाज़ को लेकर जागरूक होना होगा। 🙏🙏

दैनिक भास्कर दि. 11.08.2026ब्रजभूषण शरण सिंह के साथ अच्छे संबंध रखना समझ से परे - कोर्टकोर्ट ने फ़ैसले में कहा कि शिकायत...
12/08/2026

दैनिक भास्कर दि. 11.08.2026

ब्रजभूषण शरण सिंह के साथ अच्छे संबंध रखना समझ से परे - कोर्ट

कोर्ट ने फ़ैसले में कहा कि शिकायतकर्ता वर्षों तक सिंह के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों में रहे और उन्हें पारिवारिक कार्यक्रमों और शादियों में भी बुलाया गया।करियर ख़राब होने के डर से शिकायत न करना समझ में आता है लेकिन इस तरह संबंध बनाए रखना समझ से परे है।
पूर्व डब्ल्यूएफ़आई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि दो शिकायतकर्ता पहलवानों ने माना कि उन पर आरोप लगाने के लिए दबाव डाला गया था।,,,,

(ज्ञातव्य है कि इस झूठे मामले में भी सोशल मीडिया पर पूरे राजपूत समाज को अभद्रता का सामना करना पड़ा था।)

🏰 राणा महल घाट का इतिहासराणा महल घाट का निर्माण 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध (लगभग 1670 के आसपास) मेवाड़/उदयपुर के राजपूत ...
09/08/2026

🏰 राणा महल घाट का इतिहास

राणा महल घाट का निर्माण 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध (लगभग 1670 के आसपास) मेवाड़/उदयपुर के राजपूत शासक राणा जगत सिंह से जुड़ा माना जाता है। उन्होंने काशी में गंगा किनारे एक महल और घाट का निर्माण कराया, जिसके कारण इसका नाम राणा महल घाट पड़ा।

महल की वास्तुकला में राजस्थानी/राजपूताना शैली स्पष्ट दिखाई देती है। सरकारी काशी पोर्टल के अनुसार, इसी महल में 64 योगिनी मंदिरों का भी उल्लेख मिलता है।

एक महत्वपूर्ण बात: उपलब्ध स्रोतों में वर्ष को लेकर थोड़ा अंतर है—कुछ इसे लगभग 1670 बताते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्रोत इसे 17वीं शताब्दी के दूसरे भाग में स्थापित बताते हैं।

🔱 राणा महल और राजपूतों का काशी से संबंध

राजपूत राजाओं के लिए काशी केवल धार्मिक तीर्थ नहीं थी, बल्कि धर्म, संस्कृत अध्ययन और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण केंद्र भी थी। इसलिए राजस्थान और मेवाड़ के शासकों द्वारा काशी में घाट, मंदिर और भवन बनवाने की परंपरा रही।

बताया जाता है कि 1765 में राणा जगत सिंह काशी आए और इसी महल में ठहरे थे।

क्षत्रिय समुदाय से बड़ा मुर्ख कोई समाज नहीं है, सवर्ण हित के लिए UGC के विरोध में क्षत्रिय वर्ग धरातल पर आंदोलन कर रहा ह...
06/08/2026

क्षत्रिय समुदाय से बड़ा मुर्ख कोई समाज नहीं है, सवर्ण हित के लिए UGC के विरोध में क्षत्रिय वर्ग धरातल पर आंदोलन कर रहा है, लाठियां खा रहा है और सैकड़ों केश झेलेगा | यहां तक कि भाई “देवराज सिंह” बलिदान हो गये

और वही सवर्ण समाज “ब्राम्हण चौपाल” बनाकर क्षत्रियों कि माताओं - बहनों को #गालीयां दे रहे हैं |

UGC New Guidelines से सभी सवर्ण जातियां प्रभावित होंगी, उनके बच्चों का भविष्य गर्त में ढकेल दिया जाएगा |

लेकिन सवर्ण हित में आंदोलन सिर्फ क्षत्रिय कर रहे हैं, कहां है अन्य सवर्ण जातियां —
1. ब्राम्हण
2. बनिया
3. कायस्थ
4. भूमिहार
5. जाट (यूपी+हरियाणा)
6. पाटीदार
7. सैयद
8. शेख
9. पठान
10. खत्री
11. सिंधी व अन्य ...?

सभी सवर्ण जातियां आराम से घरों में बैठकर आनंद ले रहे, और OBC समाज का विलेन क्षत्रिय समुदाय बन रहा है |

क्षत्रियों के कंधों पर बंदुक रखकर कब तक मलाई खायेंगे सभी ?

अभी एक खबर मिला कि,कल UGC को लेकर जयपुर में हुए प्रदर्शन में “देवराज सिंह” कालवाड़ बाईपास पर पुलिस हुए लाठीचार्ज में नीचे गिर गए थे जिससे उनको चोटें आई अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी साइलेंट अटैक से मौत हो गई …

अब बताइए कौन देवराज सिंह के घर कि जिम्मेदारी निभायेगा ...?

कौन देवराज सिंह के बच्चों का भविष्य सम्हालेगा ?

सवर्ण हित में बली चढ़ गया एक क्षत्रिय का, और वही सवर्ण बैठकर उन्हीं क्षत्रियों को गाली देंगे |

आंखे खोल लो क्षत्रियों कब तक मोहरा बनोगे ?
हिंदुत्व और सवर्ण एक जुमला से अधिक कुछ नहीं है | लड़ना है तो अपने हितों के लिए लड़ो, आवाज उठाना है तो EWS सरलीकरण व वर्गीकरण के लिए लड़ो |

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