20/06/2026
यह आदेश दिल्ली सरकार (GNCT of Delhi) के राजस्व सहायक/एसडीएम (Civil Lines), तिस हजारी कोर्ट, दिल्ली द्वारा जारी किया गया है।
केस संख्या: M-SDM/RA/CL/2016
पक्षकार: ग्राम सभा मुकुंदपुर बनाम चंदरवती एवं अन्य
हिंदी में अर्थ
पटवारी और तहसीलदार की 16 जून 2016 की रिपोर्ट के अनुसार, गांव मुकुंदपुर की खसरा संख्या 32 की भूमि, जो निम्न व्यक्तियों के नाम पर है—
चंदरवती पत्नी बलवीर सिंह
रज़ा मोहम्मद पुत्र फतेह मोहम्मद
सुभाष अग्रवाल पुत्र प्यारे लाल
—का उपयोग कृषि कार्य के लिए नहीं किया जा रहा है। इसके बजाय उस भूमि पर निर्माण कार्य और अन्य गैर-कृषि गतिविधियां की जा रही हैं।
इसी को देखते हुए, दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम, 1954 (DLR Act, 1954) के प्रावधानों के अनुसार, राजस्व सहायक बी.के. झा ने आदेश दिया कि:
उपरोक्त भूमिधारक, उनके प्रतिनिधि या वकील आदि खसरा संख्या 32 पर कोई नया निर्माण न करें।
संबंधित एस.एच.ओ. (भलस्वा डेयरी थाना), तहसीलदार (सिविल लाइन्स) और हल्का पटवारी यह सुनिश्चित करें कि उस भूमि पर आगे कोई निर्माण या गैर-कृषि गतिविधि न हो।
इस आदेश का पालन होने की रिपोर्ट दो दिन के भीतर प्रस्तुत की जाए।
आदेश का पालन न करने पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिवादियों को नियमानुसार अलग से नोटिस भेजा जा रहा है तथा उन्हें निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
प्रतिलिपि भेजी गई
एसएचओ, भलस्वा डेयरी थाना – निर्माण रोकने हेतु।
तहसीलदार (सिविल लाइन्स) – आदेश का पालन सुनिश्चित करने हेतु।
एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर – संबंधित भवन के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने हेतु।
उपरोक्त प्रतिवादियों (भूमिधारकों) को।
बीडीओ (सेंट्रल) – आवश्यक कार्रवाई हेतु।
संक्षेप में
यह आदेश बताता है कि मुकुंदपुर की खसरा संख्या 32 की कृषि भूमि पर गैर-कानूनी निर्माण और गैर-कृषि उपयोग को रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Injunction) जारी की गई थी और पुलिस, तहसीलदार तथा एमसीडी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
साथ ही वर्तमान सत्तासीन नेताओं के मिलीभगत से खसरा नम्बर 31 सरकारी जमीन को भी खसरा नम्बर 32 बताकर कब्जा कराकर गरीबों से पैसा लूटकर कर बेच दिया गया आज तक शासन प्रशासन मिलीभगत होने के कारण उस सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त नहीं कर पाया है
यही कब्जा यदि उत्तर प्रदेश में होता तो कबतक खाली हो चुका होता ।
जागो जनता जागो