Avinashi Terrace Garden

Avinashi Terrace Garden फूल एवं पौधों को रखने के लिए आकर्षक गमले उपलब्ध है।

आपने देखा होगा कि गर्मी के दिनों में कुछ फूलों की पत्तियाँ सिकुड़ जाती हैं और मुरझाकर पीली पड़ जाती हैं। दरअसल, ऐसा किसी...
11/05/2025

आपने देखा होगा कि गर्मी के दिनों में कुछ फूलों की पत्तियाँ सिकुड़ जाती हैं और मुरझाकर पीली पड़ जाती हैं। दरअसल, ऐसा किसी बीमारी के कारण नहीं होता, बल्कि पानी की कमी के कारण होता है, और खासकर छोटे गमलों में लगे होने के कारण भी होता है। क्योंकि अधिक धूप के कारण छोटे गमलों की मिट्टी का पानी जल्दी सूख जाता है। ऐसे में पौधों को सुबह और शाम दोनों समय पानी देना चाहिए, ताकि पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके। दोपहर की गर्मी से बचाने के लिए पौधों को सुबह भी पानी देना जरूरी होता है, क्योंकि पौधों को खासकर दोपहर में अधिक पानी की जरूरत होती है। इसलिए गर्मी के दिनों में नियमित रूप से पानी देना चाहिए, खासकर जब मिट्टी सूखी हो।

गर्मी में पौधों के लिए गोबर की खाद बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पौधों को ठंडा रखने में भी मदद करती है और इसे सभी...
09/05/2025

गर्मी में पौधों के लिए गोबर की खाद बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पौधों को ठंडा रखने में भी मदद करती है और इसे सभी प्रकार के पौधों में डाला जा सकता है। गोबर की खाद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों के लिए आवश्यक होते हैं।

गोबर की खाद बनाने के लिए, आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:

1. गोबर के 5 कंडे लें और उन्हें 10-15 लीटर पानी में 3 दिनों के लिए भिगो दें।
2. कंडों को दबाने के लिए एक ईंट या पत्थर का उपयोग करें ताकि वे अच्छी तरह से भिगो जाएं।
3. 3 दिनों के बाद, पानी को छानकर अलग कर दें और कंडों को चूर कर दें।
4. कंडों के साथ गार्डन की मिट्टी मिलाएं और एक जार या बर्तन में रखकर 30 दिनों के लिए छोड़ दें।
5. इस दौरान, मिश्रण को नियमित रूप से मिलाते रहें ताकि यह अच्छी तरह से मिल जाए और खाद तैयार हो जाए।
6. 30 दिनों के बाद, आपकी गोबर की खाद तैयार हो जाएगी।

आप इस खाद को अपने पौधों में डाल सकते हैं और इससे पौधों को पोषण मिलेगा। इसके अलावा, आप छाने हुए पानी को भी पौधों में डाल सकते हैं, जो एक अच्छा उर्वरक का काम करता है।

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02/05/2025

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मोगरा में ढेर सारे फूल कैसे पाएं?मोगरा में ढेर सारे फूल पाने के लिए सबसे पहले आप उसे पर्याप्त धूप वाली जगह पर रखें, जहां...
29/04/2025

मोगरा में ढेर सारे फूल कैसे पाएं?

मोगरा में ढेर सारे फूल पाने के लिए सबसे पहले आप उसे पर्याप्त धूप वाली जगह पर रखें, जहां रोजाना उसे 5-6 घंटे धूप मिल सके। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन अधिक पानी न दें। इस बात का भी ध्यान रखें कि ड्रेनेज होल सही हो और अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। खाद के लिए एनपीके, वर्मी कम्पोस्ट और गोबर की खाद का उपयोग कर सकते हैं। सूखी हुई चायपत्ती, प्याज के छिलकों की खाद और एप्सम साल्ट का इस्तेमाल भी फूल खिलने में मदद करता है। इन्हें आप हर 15 दिनों में डाल सकते हैं। साथ ही, सूखे फूलों को समय-समय पर हटा दें ताकि पौधा नई कलियाँ बनाने में अपनी ऊर्जा लगा सके।

अप्रैल में कौन-कौन-सी सब्जियां उगाएं?अप्रैल में सब्जियां उगाने के लिए एक अच्छा समय है, खासकर गर्मी के मौसम में उगाई जाने...
26/04/2025

अप्रैल में कौन-कौन-सी सब्जियां उगाएं?

अप्रैल में सब्जियां उगाने के लिए एक अच्छा समय है, खासकर गर्मी के मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियों के लिए। इस महीने में आप निम्नलिखित सब्जियां उगा सकते हैं। जैसे:

1. खीरा
2. ककड़ी
3. कद्दू
4. करेला
5. भिंडी
6. बैंगन
7. लौकी
8. पालक
9. मूली
10. अदरक
11. टमाटर
12. मिर्च
13. धनिया पत्ती
14. गाजर
15. तरबूज

इन सब्जियों को गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है। गमले की मिट्टी तैयार करने के लिए आप निम्नलिखित अनुपात में सामग्री मिला सकते हैं:

- 30% मिट्टी
- 30% वर्मीकम्पोस्ट
- 20% गोबर की खाद
- 10% कोकोपीट
- 10% रेत

निष्कर्ष:

अप्रैल में सब्जियां उगाने के लिए एक अच्छा समय है, और आप इन सब्जियों को गमले में भी उगा सकते हैं। बस गमले की मिट्टी को सही तरीके से तैयार करना होगा और उपयुक्त सामग्री का उपयोग करना होगा। इससे आप अपने घर में ताजी सब्जियां उगा सकते हैं और अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं।

गुड़हल के पौधों की देखभाल कैसे करें?गुड़हल का फूल सुंदर और चमकीला होता है, जो कई रंगों में उपलब्ध है, जैसे कि लाल, सफेद,...
24/04/2025

गुड़हल के पौधों की देखभाल कैसे करें?

गुड़हल का फूल सुंदर और चमकीला होता है, जो कई रंगों में उपलब्ध है, जैसे कि लाल, सफेद, बैंगनी, नारंगी और गुलाबी। इसकी देखभाल करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

1. पर्याप्त धूप: गुड़हल के पौधों को पर्याप्त धूप (8-10 घंटे) की आवश्यकता होती है, जो वृद्धि और फूल आने में मदद करती है।
2. नमी बनाए रखना: इसकी मिट्टी में नमी बनाए रखें और नियमित रूप से खाद दें ताकि पोषक तत्व मिल सके।
3. प्राकृतिक खाद: केले के छिलके का पाउडर डालें, जो प्राकृतिक खाद है और पोटेशियम की कमी पूरा करता है। पकी हुई छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड मिट्टी में उपयोगी बैक्टीरिया बढ़ाता है। चाय की पत्तियों में नाइट्रोजन होता है जो पत्तियों को चमकदार बनाता है। प्याज के छिलकों से बने फर्टिलाइजर ढेर सारे फूल खिलने में मदद करते हैं।
4. कीटों से बचाव: गुड़हल के पौधे में ज्यादातर मिलीबग का खतरा होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए रबिंग अल्कोहल या साबुन और पानी का मिश्रण छिड़कें।
5. फूल न आने की समस्या: यदि गुड़हल के पौधों में फूल न आने की समस्या है, तो इसे फुल सनलाइट वाली जगह पर रखें और नियमित रूप से खाद-पानी दें।

*निष्कर्ष*

गुड़हल के पौधों की देखभाल करने के लिए पर्याप्त धूप, नमी बनाए रखना, प्राकृतिक खाद देना, कीटों से बचाव और फूल न आने की समस्या का समाधान करना आवश्यक है। इन बातों का ध्यान रखने से आपका गुड़हल का पौधा सुंदर और चमकीला होगा।

नींबू के पौधे की देखभाल कैसे करें?नींबू एक लोकप्रिय फल है। यह आसानी से उगाया जा सकता है और इसकी देखभाल करना भी आसान है। ...
23/04/2025

नींबू के पौधे की देखभाल कैसे करें?

नींबू एक लोकप्रिय फल है। यह आसानी से उगाया जा सकता है और इसकी देखभाल करना भी आसान है। नींबू के पौधे का व्यवसाय भी एक अच्छा विकल्प होता है, क्योंकि इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। नींबू की मांग उच्च होने का कारण यह है कि इसका उपयोग विभिन्न प्रकार से किया जाता है, जैसे कि खाना पकाने, पेय पदार्थ बनाने और स्वास्थ्य लाभ के लिए। दरअसल, नींबू में विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। आइए जानते हैं, "नींबू की देखभाल कैसे करें?"

1. नियमित पानी देना: पौधे के उगने के दौरान ज्यादा बार पानी देना चाहिए, जबकि परिपक्व होने के बाद, नींबू के पौधे ज्यादा सूखा सहन कर सकते हैं। परन्तु इस बात का ध्यान रखें कि समय-समय पर पानी दें ताकि नमी बनी रहे, लेकिन जब फूल आने लगें तो कम मात्रा में पानी देना चाहिए ताकि फूल न झड़ें। ड्रेनेज होल सही रखें ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।

2. खाद देना: नींबू में गोबर की खाद डालें ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़े। वहीं फर्टिलाइजर की बात करें तो नींबू के पौधों के लिए कुछ फर्टिलाइजर्स जैसे एनपीके (13:45) करीब एक चम्मच और सीवीडी फर्टिलाइजर की एक चम्मच को 400 एमएल पानी में मिलाकर मिट्टी में डालें, इससे फल लगना शुरू होता है। सरसों की खली और छाछ का उपयोग भी कर सकते हैं।

3. कीटों और रोगों से बचाव: कीटों और रोगों से बचाने के लिए नीम के तेल का उपयोग करें और पत्तियों पर धूल जमने न दें। संक्रमित पौधे के हिस्से को हटा दें और इस बात का ध्यान रखें कि नींबू के पौधे को पर्याप्त मात्रा में प्रत्यक्ष धूप और पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए 6-8 घंटे प्रत्यक्ष धूप लेने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी दें।

4. नियमित छंटाई: हर मौसम बदलने के साथ ही ऊपर से पौधों की छंटाई करें, इससे पौधा खराब नहीं होता।

*निष्कर्ष*

नींबू के पौधे की देखभाल करने के लिए नियमित पानी देना, खाद देना, कीटों और रोगों से बचाव, और नियमित छंटाई करना आवश्यक है। इन बातों का ध्यान रखने से आपका नींबू का पौधा स्वस्थ और फलदार होगा।

पेड़-पौधे लगाना मानवता का काम है, लेकिन उसे बचाने के लिए मानवता त्यागना जरूरी है। आइए जानते हैं पेड़-पौधों को नुकसान पहु...
22/04/2025

पेड़-पौधे लगाना मानवता का काम है, लेकिन उसे बचाने के लिए मानवता त्यागना जरूरी है। आइए जानते हैं पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट और उनसे छुटकारा पाने के उपाय:

मिली बग:
मिली बग छोटे, सफेद रंग के कोमल कीड़े होते हैं जो पत्तियों और तनों पर चिपके रहते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए आप रबिंग अल्कोहल का उपयोग कर सकते हैं या फिर साबुन और पानी का मिश्रण छिड़क सकते हैं। यदि मिली बग की संख्या अधिक हो, तो उस तने या पत्तियों को तोड़कर दूर फेंक देना बेहतर होता है।

एफिड्स और माइट्स:
एफिड्स छोटे कीड़े जैसे जीव होते हैं जो पौधों के सतह पर जमा होते हैं और माइट्स छोटे मकड़ी जैसे जीव होते हैं जो पत्तियों की सतह या उसके अंदर रहते हैं। ये दोनों कीड़े पत्तियों और तनों का रस चूसकर पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए आप नीम ऑयल या फिर साबुन और पानी के मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं।

पत्ती खाने वाले कीट:
ये कीट पत्तियों को खाकर पौधों की वृद्धि को प्रभावित करते हैं। नए और कोमल पत्तियों को भी खा जाते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए आप इन्हें पत्तियों सहित हटा दें और पौधों को धो दें।

अन्य उपाय:
पौधों को कीटों से बचाने के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं:

* नियमित रूप से पौधों को पानी दें, जिससे कीड़े संक्रमण के लिए कम संवेदनशील हो जाते हैं।
* संक्रमित पौधों को हटा दें और पौधों की मिट्टी की गुड़ाई करें।
* नीम ऑयल, हल्दी पाउडर, और साबुन-पानी के मिश्रण जैसे प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग करें।
* केमिकल वाले कीटनाशकों का उपयोग करने से पहले दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उनका पालन करें।

निष्कर्ष:
पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से छुटकारा पाने के लिए नियमित देखभाल और प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग करना आवश्यक है। इससे पौधों को स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सकता है।

फूल और पौधे लगाना क्यों जरूरी है?वातावरण को सुंदर बनाना:फूल और पौधे अपने रंग, आकार और खुशबू से वातावरण को सुंदर और आकर्ष...
21/04/2025

फूल और पौधे लगाना क्यों जरूरी है?

वातावरण को सुंदर बनाना:
फूल और पौधे अपने रंग, आकार और खुशबू से वातावरण को सुंदर और आकर्षक बनाते हैं। वे न केवल हमारे बगीचे और बालकनी की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि पूरे वातावरण को भी ताजगी और सुंदरता से भर देते हैं।

प्रदूषण कम करना:
फूल और पौधे प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके और ऑक्सीजन को जारी करके वातावरण को साफ करते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य:
फूलों की सुंदरता और पौधों की देखभाल करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और तनाव कम होता है। फूल और पौधे अपने आसपास के वातावरण को सुगंधित बनाते हैं और हमें प्रकृति के करीब महसूस कराते हैं।

पारिस्थितिक संतुलन:
पौधे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हवा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और जानवरों और मनुष्यों को भोजन और आश्रय प्रदान करते हैं। पौधे जल चक्र को नियंत्रित करते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।

फलों और सब्जियों का उत्पादन:
घर में उगाए गए फल और सब्जियां ताजे और स्वस्थ होते हैं। इससे न केवल पैसों की बचत होती है, बल्कि हमें अपनी पसंद के अनुसार फल और सब्जियां उगाने का अवसर भी मिलता है।

निष्कर्ष:
फूल और पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना बहुत जरूरी है। इससे न केवल हम अपने वातावरण को सुंदर और स्वस्थ बना सकते हैं, बल्कि हमें प्रकृति से जुड़ाव महसूस करने और तनाव को कम करने में भी मदद मिलती है।

गर्मियों में अक्सर लोगों का सवाल होता है, "तेज धूप से पौधों को कैसे बचाएं और उन्हें हरा-भरा कैसे रखें?" तेज धूप से पौधों...
20/04/2025

गर्मियों में अक्सर लोगों का सवाल होता है, "तेज धूप से पौधों को कैसे बचाएं और उन्हें हरा-भरा कैसे रखें?" तेज धूप से पौधों को बचाने और हरा-भरा रखने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं:

* छाया प्रदान करें: पौधों को भी छांव की जरूरत होती है। उन्हें छाया प्रदान करना जरूरी है। इसके लिए आप ग्रीन नेट का उपयोग कर सकते हैं।

* पानी की व्यवस्था: पौधों को नियमित रूप से पानी दें। खासकर गर्मियों में पौधों को दोनों समय, सुबह और शाम में पानी दें, लेकिन दोपहर में पानी देने से बचें। ऐसे में पौधे मर सकते हैं। सुबह और शाम में तापमान कम होने के कारण पानी का वाष्पीकरण नहीं होता है और पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है।

* खाद एवं फर्टिलाइजर: पौधों को केमिकल फर्टिलाइजर देने के बजाय Cow dung फर्टिलाइजर देना ज्यादा सही है। Cow dung फर्टिलाइजर पौधों को ठंडक भी देती है। वहीं खाद में जैविक खाद डालना सही होता है। खाद भी पानी की तरह सुबह और शाम में देना चाहिए, अन्यथा पौधे जल सकते हैं।

* मल्चिंग: पौधों के चारों ओर घास और पत्तियों की परत लगा दें। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और तापमान नियंत्रित रहता है।

* नमी: गर्मी में पौधों को खासकर नमी की जरूरत होती है। ऐसे में मल्चिंग के साथ-साथ आप कोकोपीट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह पौधों में नमी बनाए रखने में मदद करता है।

नोट: इस बात का ध्यान रखें कि कुछ पौधे धूप में ही खिलते हैं, जैसे कि चंपा, मोगरा, गुलाब, गुड़हल और अपराजिता आदि। इन्हें पर्याप्त धूप की आवश्यकता होती है।

घर को महकाने के लिए इन 6 पौधों को लगाना चाहिए।* गुलाब: क्लासिक खुशबू और लुक के लिए आप गुलाब के पौधे लगा सकते हैं। यह फूल...
19/04/2025

घर को महकाने के लिए इन 6 पौधों को लगाना चाहिए।

* गुलाब: क्लासिक खुशबू और लुक के लिए आप गुलाब के पौधे लगा सकते हैं। यह फूलों का राजा कहलाता है और प्रेम का प्रतीक भी है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, इसे लगाना शुभ माना जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। देवी लक्ष्मी का प्रिय पुष्प होने के कारण, गुलाब का पौधा लगाने से धन की कमी नहीं होती और समृद्धि बनी रहती है।

* चमेली: इसके छोटे-छोटे सफेद फूलों की भीनी खुशबू होती है। चमेली को फूलों की रानी कहा जाता है और इसे घरों में विशेष रूप से लगाया जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, यह पौधा शुभ माना जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है, जिससे घर में शांति बनी रहती है। इस पौधे को लगाने से घर के सदस्यों की सेहत अच्छी रहती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। भगवान शिव को यह फूल प्रिय है। चमेली का पौधा उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ है।

* मोगरा: छोटी कली में छिपी गजब की फ्रेशनेस देने वाली मोगरा को लगा सकते हैं। यह घर को खुशबूदार बनाता है, वातावरण को शांत रखता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। दिमाग को शांत रखने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका उपयोग पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ है।

* रातरानी: रातरानी एक सुंदर पौधा है, जिसकी खुशबू दूर-दूर तक फैलती है। खासकर रात में खिलने पर इसकी खुशबू से पूरा घर महक जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, यह पौधा शुभ माना जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। हालांकि, इसे आंगन या छत पर नहीं लगाना चाहिए, बल्कि इसे घर के बाहर या बगीचे में लगाना चाहिए।

* गार्डेनिया: मीठी और मादक सुगंध के लिए आप गार्डेनिया लगा सकते हैं। यह आपके घर को शांत और सुखद वातावरण देगा। यह फूल सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपके घर में शांति और खुशहाली ला सकते हैं। इन्हें सीधे धूप से बचाएं और नियमित रूप से खाद दें। इसे नियमित रूप से पानी दें, लेकिन ज्यादा पानी न दें।

* पारिजात: पारिजात, जिसे हरसिंगार भी कहते हैं, घर में लगाना शुभ है और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। यह धन और धान्य में वृद्धि करता है और घर में समृद्धि लाता है। वास्तुदोष के अनुसार, इसे लगाना बहुत शुभ माना जाता है। यह फूल माता लक्ष्मी को प्रिय है और पूजा में इस्तेमाल किया जाता है। मानसिक शांति के लिए आप पारिजात का पौधा लगा सकते हैं। इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ है। इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां अच्छी धूप आती हो।

मौसम के हिसाब से पौधों को पानी देने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि पौधों...
18/04/2025

मौसम के हिसाब से पौधों को पानी देने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि पौधों को पानी की आवश्यकता होती है, चाहे मौसम कोई भी हो। मिट्टी किसी भी मौसम में सूख सकती है, इसलिए पौधों को पानी देने से पहले यह पता करना जरूरी है कि मिट्टी सूखी है या नहीं।

मिट्टी सूखी है या नहीं, यह पता करने के लिए आप अपनी उंगली से मिट्टी को दबाकर देख सकते हैं। अगर मिट्टी 1 इंच तक दब जाती है, तो अभी पौधों को पानी देने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर मिट्टी नहीं दबती है, तो पौधों को पानी देने की आवश्यकता है।

अब, मौसम के हिसाब से पौधों को पानी देने के बारे में जानते हैं:

- ठंड के मौसम में पौधों को 3 दिनों में एक बार पानी देना पर्याप्त हो सकता है, क्योंकि ठंड के दौरान पौधों को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती।
- गर्मी के मौसम में पौधों को दिन में 2 बार, सुबह और शाम को पानी देने की जरूरत होती है, क्योंकि अधिक धूप होने के कारण पौधों को अधिक पानी की जरूरत पड़ती है। सुबह में पौधों को पानी देने से दोपहर में भी फायदा होता है। दोपहर में पौधों को खास तौर पर पानी की जरूरत होती है। शाम में पानी देने पर रात में पौधे अच्छे से अपनी जरूरत पूरी कर लेते हैं।
- बरसात के मौसम में पौधों को पानी देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि बारिश के कारण मिट्टी में पर्याप्त पानी होता है।

नोट: चाहे मौसम कोई भी हो, अगर मिट्टी सूखी लगे तो पानी डाल देना चाहिए। इसके अलावा, समय-समय पर पौधों को पत्तों से नहलाने से गंदगी भी हट जाती है और पौधे भी सुंदर दिखते हैं।
ओवरवॉटरिंग से बचें और ड्रेनेज होल भी सही रखें ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। अन्यथा पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं। अधिक पानी देने से आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

इस तरह से आपके पौधे स्वस्थ और खुशहाल रहेंगे।

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