14/11/2024
मैंने पड़ोस में "टूरिस्ट एंड ट्रेवल" वाले सरदार जी को फोन करके चार दिन बाद एक सात सीटर गाड़ी तीन दिन के लिए यात्रा के लिए बुक कराई और डाईवर का नाम पूछा।
जिस पर सरदार जी ने बोला कि एक-दो दिन में अवगत करा देंगे।
कुछ समय उपरांत मैंने फिर सरदार जी को फोन किया और कहा कि परिवार को जाना है। अतः ड्राइवर ऐसा भेजना जिससे परिवार सुरक्षित महसूस करे। सरदार जी ने कहा कि आप चिंता न करो।
दूसरे दिन पुनः सरदार जी को फोन किया कि ड्राइवर का नाम बता दो, मुझे उसका नाम चाहिए जो मेरे परिवार के साथ तीन दिन रहेगा। मैं किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने परिवार के साथ नहीं भेज सकता, जिससे मेरे परिवार की सुरक्षा को खतरा हो।
सरदार जी समझ गये। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में नाम बता दूँगा, फिर शाम को मैंने फोन किया तो उन्होंने कहा कि 'मुन्ना' आयेगा। जिस पर मैंने सरदार जी को कहा कि ड्राइवर का नम्बर भेज दो। उन्होंने मुन्ना का नम्बर भेज दिया पर मैं मुन्ना का नाम सुन कर आशंकित हो उठा।
मैंने मुन्ना का नम्बर सेव (सुरक्षित) किया, तो उसकी व्हाट्सएप पर 'राधा-कृष्ण' की फोटो थी और कॉल किया तो "आप की कृपा से मेरा हर काम हो रहा है" कि कॉलरटयून लगी हुई थी, उसने फोन उठाया कि वह ड्राइव कर रहा था।
मैंने उसे कहा कि आपकी गाड़ी से मेरा परिवार शनिवार को हिमाचल जा रहा है, तो उसने कहा कि हां, जी ठीक है। तब मैंने उससे पूछा कि आपका नाम क्या है, तो उसने बोला - 'मुन्ना'। तब मैंने कहा कि आपका पूरा नाम क्या है?, तो उसने कहा - 'मुन्ना लाल'।
तब मैंने कहा कि अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मेरे को व्हाट्सएप कर दे।
उसने कहा कि ड्राईव कर रहा हूँ, शाम को भेज दूँगा।
मैं रात तक इंतजार करता रहा मगर उसने 'कागज' व्हाट्सएप नहीं किये।
मैंने अगले दिन टैक्सी सर्विस वाले सरदार जी को फोन किया तो उन्होंने कहा कि अब 'मुन्ना' नहीं आयेगा, दूसरा ड्राइवर आयेगा - 'सुरिन्दर'।
मैंने सरदार जी को कहा कि उसके आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस व्हाट्सएप पर भेज दो। सरदार जी ने तत्काल सुरिन्दर के 'कागज' व्हाट्सएप कर दिये।
मैंने सरदार जी को फोन कर के कहा कि आगे से जब भी गाड़ी बुक करूँ, तो मेरे पास कभी किसी मुन्ना, पप्पू, राजू, बिट्टू, नन्हे, कालू, बिल्लू, छोटू, चिन्टू, पिन्टू, मिन्टू व मोंटू आदि को नहीं भेजना।
उन्होंने धीरे से कहा, मैं आपकी बात समझ गया हूँ, आप निश्चिंत रहें। अब आपके पास सुरिन्दर, गुरविंदर, महेश, संजय, पाण्डेय, शुक्ला आदि में से ही कोई आया करेगा।
यह एक छोटा सा प्रयास है, करके देखिए! ट्रेवल एजेंसियों, टैक्सी सर्विस, व्यापारियों, दुकानदारों, शोरूम, रेस्टोरेंट, ढाबे वालों, ड्राई क्लीनिंग, इंटीरियर, कारपेंटर, वर्कशॉप, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, सर्विस सेंटर, कुरियर कम्पनियों, पैकेजिंग कम्पनियों, फूड कम्पनियों आदि पर दबाव बनेगा और बनवाना होगा ताकि वृहत्तर समाज में एकजुटता व समरसता पैदा हो कर हम सनातनी आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकें।