03/09/2025
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बस स्वदेशी ही विकल्प है!
समय उसी का साथ देता है जो स्वयं का साथ देते हैं.. यह समय, अपने अपनों का हाथ पकड़ने का है.. कितना भी वैश्विक दबाव आए, हमें डटे रहना है।
जो दाब और ताप सह कर निकलते हैं वही हीरा बनते हैं।