Antaryatra Circle

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Antaryatra Circle Antaryatra Meditation Circle — A Kalyan Mitra for your inner & outer journey.

We help you discover your natural purpose, cultivate inner peace, and create harmony between spiritual growth, meaningful relationships & material success.

08/10/2025

_*HANDY+SLING_*

2 Compartments
1 back pocket
1 chain handle. 1 shoulder handle. 1 long belt
BIG SIZE

Size ~ 7 by 9 inches approximately

*Rs.750 + 75 shipping*

07/10/2025

*IMPORTED*

**HIGH QUALITY IMPORTED SLING BAG WITH LONG ADJUSTABLE BROAD BELT AND CLASSY LOOK*

SIZE- 6 by 7.5 inches approx

*Rs.1600/- only

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07/10/2025

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SIZE- 6 by 7.5 inches approx

*Rs.1600/- only Free Delivery

09/05/2024

ਸ਼ਰੀਰ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਨੂੰ ਸੀਮਤ ਰੱਖਣਾ ਚੰਗੀ ਗੱਲ ਹੈ,
ਪਰ ਰੂਹ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਤੇ ਬੰਦਿਸ਼ ਲਾਉਣਾ ਮਹਾਂ ਪਾਪ ਹੈ।

07/02/2024

ਆਪਣੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੁਨੀਆਂ ਤੋਂ ਛੁਪਾ ਕੇ ਰੱਖੋ,
ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹਨ ਜੋ ਤੁਹਾਡੀਆਂ ਖੁਸੀਆਂ ਤੇ ਖੁਸ਼ ਹਨ ।

28/11/2023

प्रेम का पागलपन क्या है? यह प्रेम की मस्ती क्या है? यह तुम कहां सीखोगे? किसी मस्त के पास बैठो। किसी पियक्कड़ के पास बैठो।

यह जो चारों तरफ सौंदर्य की अनंत वर्षा हो रही है, यह तुम्हें दिखाई नहीं पड़ती। किन्हीं ऐसी आंखों के पास बैठो जिन्हें यह दिखाई पड़ती है। किन्हीं आंखों का सहारा लो।
इसलिए तुमसे बार-बार कहता हूं: कभी-कभी मेरी आंखों से देखो। कभी-कभी मेरे कानों से सुनो। मेरे कानों से सुनोगे तो तुम्हें पता चल जाएगा |

कहां तक प्रेम का आकाश फैला है! कितना विस्तीर्ण है प्रेम का आकाश! तुम तो अपने घर के आंगन से ही न निकले। तुमने तो आंख ही न उठाई। तुम तो चांदत्तारों को देखते ही नहीं। वह जो दूर-दूर तक फैला हुआ आकाश है, वह तुम्हें समझ नहीं आता। बाहर का आकाश समझ नहीं आता; भीतर का आकाश तो क्या समझ आएगा!और कितने दूर तक उड़ सकता है, इसका भी तुम्हें कुछ पता नहीं। तुम तो पंख ही नहीं फड़फड़ाते। तो जो उड़ना जानता हो उसके पास जाओ। तैरना सीखना हो तो तैरने वाले के पास जाओ। पीना सीखना हो तो पियक्कड़ के पास जाओ।

भगत के पास है क्या? संत के पास है क्या? जो है, वह साधारण चमड़े की आंखों से दिखाई भी नहीं पड़ता। वह तो पास रहोगे, रहते-रहते-रहते उसका रस लगेगा; रसायन पकड़ेगी।
जीवंत के पास आओ, ताकि कोई किरण तुम्हें छू ले; तुम्हारे अंधेरे को डगमगा दे; तुम्हारी सदियों से जमी धूल को उखाड़ दे; तुम्हारे पथरीले हो गए, जम गए हृदय को पिघला दे!

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