01/08/2019
अगर आप शाकाहारी हैं तो मशरूम की नई प्रजाति आपके लिए अच्छा भोजन हो सकती है। उत्तराखंड में जंगली मशरूम की ये अनोखी प्रजाति पहली बार वन अनुसंधान के अफसरों की नजर में आई है। वन विभाग के प्रारंभिक शोध और स्थानीय जानकारियों के अनुसार इसका स्वाद और पौष्टिकता मुर्गे के मीट से भी ज्यादा है। इसी वजह से इसे मुर्गा मशरूम कहा जाता है। अब वन विभाग के अनुसंधान विंग ने इस पर विस्तृत शोध शुरू कर दिया है। वन विभाग की मुर्गे की तरह दिखने वाले इस जंगली मशरूम का संरक्षण और उन्नत किस्म विकसित करने की योजना है। ताकि इसको व्यावसायिक रूप से उगाया जा सके। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
इस मशरूम को लेकर कई विशेषज्ञों, रिसर्चरों और मशरूम व्यवसायियों से पूछताछ की गई। लेकिन कोई भी इसके बारे में नहीं बता पाया। ये एक नई खोज है, इस पर हम वैज्ञानिक शोध करा रहे हैं। इसके बाद इसका संरक्षण व संवर्धन कर व्यावसायिक तौर पर उगाएंगे।
संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक अनुसंधान वृत्त हल्द्वानी
चकराता और मुनस्यारी में मिला
वन संरक्षक वन अनुसंधान वृत्त संजीव चतुर्वेदी के अनुसार जंगली मशरूमों को लेकर वन विभाग रिसर्च कर रहा है। इसी दौरान देवबन (चकराता) और मुनस्यारी में मुर्गे जैसा दिखने वाला ये मशरूम मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि इसे मुर्गा मशरूम करते हैं और इसे खाया भी जाता है। ये ज्यादातर बांज के पेड़ों पर पाए जाते हैं और जून से अगस्त तक उगते हैं। जो कि करीब 300 ग्राम से एक किलो तक वजन के होते हैं।
अगर आप शाकाहारी हैं तो मशरूम की नई प्रजाति आपके लिए अच्छा भोजन हो सकती है। उत्तराखंड में जंगली मशरूम की ये अनोखी प्....