22/07/2026
#साभार_रामनगीना_मौर्य_के_फेसबुक_वॉल_से #भोजपुरी_सिनेमा #अंजनी_श्रीवास्तव
"भोजपुरी सिनेमा, तब अब सब", (1961- 2025) पुस्तक के माध्यम से भोजपुरी दुनिया को विस्तार से पढ़ने-जानने और समझने का अवसर मिलता है।।
भोजपुरी सिनेमा के इस बृहद सन्दर्भ ग्रन्थ में भोजपुरी भाषा-संस्कृति, भोजपुरी भाषा की व्यापकता, भोजपुरी सिनेमा के इतिहास, ऐतिहासिक भोजपुरी फिल्में, सुप्रसिद्ध भोजपुरी सितारों, गीतकार, संगीतकार, कलमकारों सहित भोजपुरी फ़िल्मों के स्वर्णकाल और बाद की स्थितियों सहित समय- समय पर भोजपुरी फ़िल्मों की दुनिया में क्या-कुछ बदलाव आए, क्रोनालॉजी सहित उनके कारण, परिणामों पर विस्तृत जानकारी मिलती है। साथ ही सिनेमा के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनैतिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। लेखक द्वारा भोजपुरी साहित्य, संस्कृति, सिनेमा पर तैयार किए गए इस व्यापक शोधपरक, वैविध्यपूर्ण और सुरुचिपूर्ण सामग्री सम्पन्न पुस्तक को देखने- पढ़ने से स्पष्ट है कि लेखक ने इसे सर्वोपयोगी बनाने के लिए कितना परिश्रम किया होगा। वे स्वीकारते भी हैं कि इस पुस्तक को लिखने में विभिन्न माध्यमों से जानकारियां जुटाते, किताब पूरा करने में करीब बारह साल से भी ज्यादा समय लगा।
इस पुस्तक की महत्ता और विशिष्टता के मद्देनजर सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी जी लिखते भी हैं... "भोजपुरी संस्कृति वो बल खाती नदी है, जो पूर्वांचल से नेपाल होते हुए फिजी, मॉरीशस, त्रिनिदाद और क़रीब- क़रीब पूरी दुनिया की पैमाइश करती है। भोजपुरी भाषियों की ललकार में भी लालित्य है और हर प्रयास में एक सार्थक व प्रभावी परिणाम देने का प्रबल आत्मबल भी।"
आश्चर्य नहीं कि यह पुस्तक भोजपुरी सिनेमा के चाहने वालों को नॉस्टैल्जिया में भी ले जाती है। उन्हें अपनी प्रिय भोजपुरी फ़िल्मों, उनके गीत-संगीत की बड़ी शिद्दत से याद दिलाते हैं।
एक सर्वे के अनुसार पूरी दुनिया में आज भोजपुरी बोलने वालों की संख्या पच्चीस करोड़ से भी ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में भोजपुरी भाषा की व्यापकता को देखते हुए एवं दुर्लभ जानकारियों से परिपूर्ण पुस्तक की विषय सामग्री देखने से स्पष्ट है कि यह पुस्तक भोजपुरी दुनिया, भोजपुरी सिनेमा के लिए निश्चय ही विशिष्ट सन्दर्भ ग्रन्थ साबित होगी। परिशिष्ट में उल्लिखित 'सामग्री-स्रोत' भी अत्यन्त उपयोगी है।
यह किताब सामान्य पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक, संग्रहणीय तो है ही, भोजपुरी सिनेमा जगत पर शोधार्थियों के लिए भी अति महत्त्वपूर्ण है।
ऐसी विशिष्ट पुस्तक सुधी पाठकों तक उपलब्ध कराने के लिए लेखक, प्रकाशक को बहुत बहुत बधाई। हार्दिक शुभकामनाएं।
पुस्तक लिंक: (20% की विशेष छूट)
https://www.setuprakashan.com/.../bhojpuri-cinema-by.../
अमेजन:
https://amzn.in/d/010HkLPL