23/04/2022
*एक रेस्टोरेंट में कई बार मैंने देखा है कि-एक व्यक्ति आता है और भीड़ का लाभ उठाकर नाश्ता अथवा भोजन कर चुपके से बिना पैसे दिए,सबकी नज़रों से बचकर निकल जाता है.*
*एक दिन जब वह खा रहा था तो मैंने चुपके से दुकान के मालिक को जाकर बताया कि-"देखना,यह भाई भीड़ का लाभ उठाएगा और बिना बिल चुकाए ही निकल जाएगा.*
*मेरी बात सुनकर रेस्टोरेंट का मालिक मुस्कराते हुए बोला-"उसे बिना कुछ कहे जाने दो, हम इसके बारे में बाद में बात करेंगे..!"हमेशा की तरह भाई ने नाश्ता करके इधर-उधर देखा और भीड़ का लाभ उठाकर चुपचाप चला गया....!!उसके जाने के बाद, मैंने रेस्टोरेंट के मालिक से पूछा कि मुझे बताओ कि आपने उस व्यक्ति को क्यों जाने दिया...?*
*रेस्टोरेंट के मालिक द्वारा दिया गया बेहतरीन और दिल को छू लेने वाला जवाब..."आप अकेले नहीं हो, कई भाइयों ने उसे देखा है;नौकरों ने भी मुझे बताया है,और उसके बारे में शिकायतें भी की हैं। वह रेस्टोरेंट के सामने बैठता है और जब देखता है कि भीड़ हो चुकी है,तो वह चुपके से आकर कोने में बैठ खाना खा लेता है.मैंने हमेशा इसे नज़रअंदाज़ किया और कभी उसे रोका नहीं,उसे कभी पकड़ा नहीं और ना ही कभी उसका अपमान करने की कोशिश की..क्योंकि मुझे लगता है कि मेरी दुकान में भीड़ इस भाई की प्रार्थना की वजह से है.वह मेरे रेस्टोरेंट के सामने भूखे बैठे हुए मन ही मन प्रार्थना करता है कि,जल्दी इस रेस्टोरेंट में भीड़ हो तो मैं जल्दी से अंदर जा सकूँ-खा सकूँ और चुपचाप निकल सकूँ...और निश्चित रूप से जब वह अंदर आता है,तो हमेशा भारी भीड़ होती है,जबकि पहले यहां उतनी भीड़ नहीं होती थी। तो ये भीड़ भी शायद उसकी "प्रार्थना" के कारण से ही है....!"*
*शायद इसीलिए कहते है कि "मत करो घमंड इतना कि मैं तुम्हे खिला रहा हूँ...!क्या पता तुम तो खुद किसी अनजान के भाग्य का खा रहे हो...?"*🙏🏻🙏🏻🙏🙏🙏🙏🙏🙏