Ajanta Sports & Gifts Crafts Pvt Ltd

Ajanta Sports & Gifts Crafts Pvt Ltd Ajanta Gifts & Crafts Pvt Ltd, a synonym for quality Corporate gifts, Sports Trophies and presents the glorious culture and history of Bihar.

Ajanta Gifts & Crafts, a synonym for qualify gifts and crafts that represent the glorious culture and history of Bihar. Our metal crafts are presented in the form of historical monuments, religious idols. We also have large number of acrylic items and madhubani paintings. To recreate the glories of Bihar we have endeavoured to venture in our unique way by making models of all the important monuments in brass and gun metal in various sizes. In order to make them presentable, these models are cased in high quality acrylic sheet moulded, with suitable teak wood stand polished. A name plate anodised alluminium sheet with short description of the monument is pasted at suitable place. Nowhere in India anybody has ventured out to make models of the statues. Only a few models like Tajmahal, Konark Wheel, Charminar etc are found elsewhere. We are surprised that no one ever thought of making a models of Kutub Minar, India Gate, Victoria Memorial or Hawa Mahal. We wish to assure that we shall shortly venture out to make all these models in not too distant future.

06/10/2023
My Daughter's Store in Goa
21/06/2023

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06/06/2023
02/06/2023
बिहार दर्शन (गज और ग्राह)हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इंद्रद्युम्न नामक एक राजा ,अगस्त्य मुनि के शाप से हाथी बन गए ...
31/03/2023

बिहार दर्शन (गज और ग्राह)
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इंद्रद्युम्न नामक एक राजा ,अगस्त्य मुनि के शाप से हाथी बन गए थे और हुहु नामक गंधर्व देवल मुनि के शाप से मगरमच्छ। कालांतरण में गज(हाथी) और मगरमच्छ के बीच सोनपुर में गंगा और गंडक के संगम पर युद्ध हुआ था।[6] इसी के पास कोनहराघाट में पौराणिक कथा के अनुसार गज और ग्राह(मगरमच्छ) का वर्षों चलनेवाला युद्ध हुआ था। बाद में भगवान विष्णु की सहायता से गज की विजय हुई थी।

बिहार दर्शन ( बिहार की विरासत ) भारत के बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में गया से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुफाएँ हैं ...
01/03/2023

बिहार दर्शन ( बिहार की विरासत )
भारत के बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में गया से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुफाएँ हैं और चट्टानों को काटकर बनायी गयी सबसे पुरानी गुफाएं हैं। इनमें से अधिकांश गुफाओं का संबंध मौर्य काल (322-185 ईसा पूर्व) से है और कुछ में अशोक के शिलालेखों को देखा जा सकता है। ये गुफाएं बराबर (चार गुफाएं) और नागार्जुनी (तीन गुफाएं) की जुड़वाँ पहाड़ियों में स्थित हैं। बराबर में ज्यादातर गुफाएं दो कक्षों की बनी हैं जिन्हें पूरी तरह से ग्रेनाईट को तराशकर बनाया गया है जिनमें एक उच्च-स्तरीय पॉलिश युक्त आतंरिक सतह और गूंज का रोमांचक प्रभाव मौजूद है। पहला कक्ष उपासकों के लिए एक बड़े आयताकार हॉल में एकत्र होने के इरादे से बनाया गया था और दूसरा एक छोटा, गोलाकार, गुम्बदयुक्त कक्ष पूजा के लिए था, इस अंदरूनी कक्ष की संरचना कुछ स्थानों पर संभवतः एक छोटे स्तूप की तरह थी, हालाँकि ये अब खाली हैं।

बिहार दर्शन ( बिहार की विरासत )देव सूर्य मंदिर, औरंगबाद :-र्क मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला के लिए भी जाना जाता है। पत्थरों ...
27/02/2023

बिहार दर्शन ( बिहार की विरासत )
देव सूर्य मंदिर, औरंगबाद :-
र्क मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला के लिए भी जाना जाता है। पत्थरों को तराश कर बनाए गए इस मंदिर की नक्काशी उत्कृष्ट शिल्प कला का नमूना है। इतिहासकार इस मंदिर के निर्माण का काल छठी - आठवीं सदी के मध्य होने का अनुमान लगाते हैं जबकि अलग-अलग पौराणिक विवरणों पर आधारित मान्यताएँ और जनश्रुतियाँ इसे त्रेता युगीन अथवा द्वापर युग के मध्यकाल में निर्मित बताती हैं।
तख़्त श्री पटना साहिब या श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब :-
यह स्थान सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के जन्म स्थान तथा गुरु नानक देव के साथ ही गुरु तेग बहादुर सिंह की पवित्र यात्राओं से जुड़ा है। आनंदपुर जाने से पूर्व गुरु गोबिंद सिंह के प्रारंभिक वर्ष यहीं व्यतीत हुये। यह गुरुद्वारा सिखों के पाँच पवित्र तख्त में से एक है।भारत और पाकिस्तान में कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे की तरह, इस गुरुद्वारा को महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनाया गया था।
वैशाली का स्तंभ:-
यह स्तंभ बिहार राज्य के वैशाली में स्थित है। माना जाता है कि सम्राट अशोक कलिंग विजय के बाद बौद्ध धर्म का अनुयायी बन गया था और वैशाली में एक अशोक स्तंभ बनवाया। चूंकि भगवान बुद्ध ने वैशाली में अपना अंतिम उपदेश दिया था,उसी की याद में यह स्तंभ बनवाया गया था।
महाबोधि मन्दिर:-
बोध गया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध विहार है। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया है। यह विहार उसी स्थान पर खड़ा है जहाँ गौतम बुद्ध ने ईसा पूर्व 6वी शताब्धिं में ज्ञान प्राप्त किया था।
शहीद स्मारक:-
पटना शहर के पुराना सचिवालय के सामने स्थित है। इस स्मारक का निर्माण सात युवा स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में किया गया था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी थी

खुदा बख्‍श ओरिएण्‍टल पब्लिक लाइब्रेरी ( बिहार की विरासत )पटना में, गंगा के घाट के निकट अवस्थित है। यद्यपि इसकी स्‍थापना ...
27/02/2023

खुदा बख्‍श ओरिएण्‍टल पब्लिक लाइब्रेरी ( बिहार की विरासत )
पटना में, गंगा के घाट के निकट अवस्थित है। यद्यपि इसकी स्‍थापना पहले की गई थी, किंतु इसे अक्‍तूबर, 1891 में बिहार के प्रसिद्ध सपूत खान बहादुर खुदा बख्‍श द्वारा जनता के लिए खोला गया। इसमें 4000 पांडुलिपियां थीं जिनमें से 1400 उन्‍होंने अपने पिता से विरासत में प्राप्‍त किए। खुदा बख्‍श ने अपना समस्‍त निजी संग्रह एक न्‍यास विलेख के माध्‍यम से पटना जनता को सौंप दिया था। यह पुस्‍तकालय पूर्व विरासत का एक अद्वितीय कोष है, जिसे कागज़, ताड़-पत्र, मृग चर्म,कपड़े और विविध सामग्रियों पर लिखित पांडुलिपियों के रूप में परिरक्षित किया गया है। साथ ही इसका स्‍वरूप आधुनिक है जिसमें कुछेक जर्मन, फ्रेंच, पंजाबी, जापानी व रूसी पुस्‍तकों के अलावा अरबी, फारसी, उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी में मुद्रित पुस्‍तकें भी रखी गई हैं। यह पुस्‍तकालय प्राच्‍य अध्‍ययनों में एक अनुसंधान केन्‍द्र के रूप में तथा छात्रों, युवाओं और वरिष्‍ठ नागरिकों की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए कए सार्वजनिक पुस्‍तकालय के रूप में कार्य करते हुए दोहरी भूमिका निभाता है। अब यह डिजिटल पुस्‍तकालय के रूप में विकसित हो रहा है, जिसमें पुस्‍तकालय के भीतर डिजिटल प्रारूप में उपलब्‍ध 2000 से अधिक पांडुलिपियां मौजूद हैं। पुस्‍तकालय लैन तथा इंटरनेट कनेक्‍शन सहित ई-मेल सुविधाओं से लैस है। पुस्तकालय के पास दो पठन कक्ष हैं, एक कक्ष अनुसंधानकर्त्‍ताओं और स्‍कॉलरों के लिए है जबकि दूसरे कक्ष अनियमित पाठकों के लिए हैं। पुस्‍तकालय में विश्‍व के सभी स्‍कॉलरों,अनुसंधानकर्ताओं तथा पाठकों को स्‍वागत है और उनकी आवश्‍यकताओं पर ध्‍यान दियाजाता है। स्‍कॉलरों को सन्‍दर्भ सेवाएं भी फैक्‍स,फोन तथा ई-मेल के जरिए भी उपलब्‍ध करायी जाती है। भारत में तथा विदेश में स्‍कॉलरों को माइक्रोफिल्‍म,जेरोक्‍स, फोटोग्राफ आदि की सप्लाई के माध्‍यम से सेवाएं प्रदान की जाती हैं जो इस पुस्‍तकालय की मुख्‍य विशेषताहै।

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