23/03/2020
#एडाप्टेशन
ि_पत्नी_कि_कहानी
विधा ओर देव की नई नई शादी हुई दोनों बेहद खुश थे,
देव अकेला ही है दो साल पहले ही प्लेन क्रेश में उसके पापा मिस्टर डाक्टर आनंद ओर मम्मी शालीनी चल बसे..!
देव के पापा डाक्टर थे तो देव को भी मेडिकल में एडमिशन दिलवा कर हार्ट स्पेश्यालिस्ट बनाया ताकि हॉस्पिटल संभाल सके..
देव के मम्मी पापा के गुज़र जाने के बाद देव बिलकुल अकेला हो गया सारे सुख थे, न धन दौलत की कमी, न ओर कोई परेशानी..!
पर अकेलेपन ने देव को डिप्रेश कर दिया तो देव के मामा जी ने अपने साले की बेटी विधा से देव की शादी की बात चलाई, दोनों एक-दूसरे को पसंद आ गए, चट मंगनी ओर पट ब्याह भी हो गया।
अब देव थोड़ा खुश रहने लगा कुछ दिन हंसी खुशी से बीत गए..!
देव वापस हास्पिटल में बिज़ी हो गया, पर विधा घर पर अकेली बोर हो जाती थी।
देव के घर आते ही फरियाद का पिटारा खोल देती थी, मैं क्या करुँ अकेली तुम जल्दी घर आया करो वगैरह..!
कुछ समय बाद देव के मम्मी पापा की बरसी थी तो देव ने सोचा उस दिन वृध्धाश्रम में जाकर कुछ चीजों का दान कर दूँ, कुछ कपड़े, बेडसीट ओर जो वहाँ की जरुरत हो..!
देव ओर विधा गये वृद्धाश्रम दोनों की आँखें भर आई वृद्धों की हालत देखकर..!
देव ओर विधा को एक साथ एक ही खयाल आया, देव ने विधा से कहा तुम रोज फरियाद करती हो की तुम अकेले बोर हो जाती हो तो क्यूँ ना हम यहाँ से माँ बाप को एडाप्ट करें, उनको घर मिल जाएगा ओर हमारी माँ बाप की कमी पूरी हो जएगी,
ओर तुम्हें कंपनी भी मिल जाएगी..!
विधा खुश होते बोली देव तुमने मेरे मन की बात कह दी, बस अब जल्दी से माँ बाप को घर ले आते है देव ने वृध्धाश्रम के ट्रस्टी से बात की ओर जो दो पति पत्नी थे उनको एडाप्ट करने की इच्छा जताई।
ट्रस्टी भरत भाई की आँखें भर आई ओर बोले बेटा आज तक यहाँ बेटे-बहू माँ बाप को छोड़ने आया करते थे आज पहली बार कोई बेटा - बहू मा-बाप ले जाने के लिए आए है, इससे बड़ी खुशी की बात ओर क्या हो सकती है।
भगवान तुम जैसा बेटा-बहू सबको दे
आज एक वृद्ध दंपत्ति को घर परिवार मिला है ओर एक बेटे-बहू को मा-बाप का प्यार..!
सब हंसी खुशी रहते है, विधा को खुश देखकर देव भी खुश है दिल में एक संतोष लिए।
🙏🙏
दोस्तो मैं रोज आपके लिए एक नयी कहानी लेकर आता हूं आपका भी फर्ज बनता है कि आप भी हमारी पोस्ट को शेयर कीजिए ताकि हम आगे बढ़ सके ।।।