Rajendra Pustak Bhawan, Sasaram

Call Directions Website Contact the business

Rajendra Pustak Bhawan, Sasaram A leading & reputed firm of Sasaram, Engaged in business of wholesale & Retail Books, Stationaries,

A leading & reputed firm of Sasaram, Engaged in business of wholesale & Retail Books, Stationaries, etc.

यह तस्वीर नेपाल में आई बाढ़ का बताया जा रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था और पानी लगभग केबल ब्रिज को छूने लगा था।...
01/09/2026

यह तस्वीर नेपाल में आई बाढ़ का बताया जा रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था और पानी लगभग केबल ब्रिज को छूने लगा था। इस व्यक्ति का परिवार नदी के दूसरी ओर फंसा हुआ था, जबकि वह खुद दूसरी तरफ था।

पुल किसी भी क्षण टूट सकता था, लेकिन उसे अपने परिवार तक पहुंचना था, क्योंकि वह घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसे पता था कि अगर उसके साथ कुछ हो गया या वह परिवार तक नहीं पहुंच पाया, तो उसके अपनों के लिए जीवन और भी कठिन हो जाएगा।

इसीलिए उसने अपनी जान की परवाह किए बिना उस खतरनाक पुल पर दौड़ लगाने का फैसला किया। उफनती नदी, तेज बहाव और हर पल टूटने के खतरे के बीच वह पूरी ताकत से दौड़ता रहा। लंबी दूरी तय करने के बाद वह पूरी तरह थक चुका था, लेकिन रुका नहीं।

जब वह आखिरकार सुरक्षित दूसरी ओर पहुंच गया, तो उसकी चाल धीमी हो गई। वह थका हुआ था, लेकिन उसके चेहरे पर संतोष था, क्योंकि उसने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती पार कर ली थी और अपने परिवार तक सुरक्षित पहुंच गया था। मानो उसने कोई बड़ी लड़ाई जीत ली हो।

यही एक परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति की पहचान है। वह अपने प्रियजनों की सुरक्षा और खुशियों के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल सकता है, लेकिन मुश्किल समय में उनका साथ नहीं छोड़ता।
🙏

01/09/2026

आपने अब तक मोबाइल से जितनी भी फोन कॉल की हैं, आपकी आवाज़ आपके फोन से बाहर निकलने से पहले कंप्रेस हो चुकी होती है।

असल में आपकी आवाज़ सीधे सफर नहीं करती। आपकी आवाज़ का एक गणितीय रूप तैयार करके भेजा जाता है और दूसरी तरफ मौजूद फोन उस गणितीय जानकारी से आपकी आवाज़ को दोबारा बना लेता है।

और जिस व्यक्ति ने यह तरीका विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई, उनका जन्म कानपुर में हुआ था।

उनका नाम था बिष्णु अटल (Bishnu Atal)।

उनका जन्म 10 मई 1933 को हुआ था। 1952 में उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में डिग्री ली। इसके बाद 1955 में बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) से इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। वहीं उन्होंने करीब तीन साल तक ध्वनिविज्ञान यानी Acoustics पढ़ाया।

1961 में वे अमेरिका की Bell Laboratories से जुड़ गए और अगले 35 साल तक वहीं काम किया।

उन्होंने जिस समस्या पर काम किया, वह सुनने में भले ही मामूली लगे, लेकिन उसका महत्व समझेंगे तो बात बहुत बड़ी लगती है।

अगर किसी की आवाज़ को बिल्कुल उसी रूप में भेजा जाए, जैसे वह पैदा होती है, तो उसमें बहुत ज्यादा बैंडविड्थ लगेगी। 1980 के दशक में जब मोबाइल फोन तेजी से फैलने लगे, तब मोबाइल नेटवर्क पर दबाव बढ़ने लगा।

रेडियो स्पेक्ट्रम सीमित है। हवा में जितनी जगह उपलब्ध है, उससे ज्यादा जगह बनाई नहीं जा सकती।

अगर आवाज़ को कंप्रेस करने का तरीका नहीं होता, तो मोबाइल फोन शायद आज की तरह आम लोगों तक नहीं पहुंच पाता। मोबाइल फोन कुछ गिने-चुने लोगों की महंगी सुविधा बनकर रह जाता, क्योंकि नेटवर्क में हर किसी की कॉल के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं होती।

1966 से 1970 के बीच बिष्णु अटल ने Linear Predictive Coding (LPC) विकसित करने में महत्वपूर्ण काम किया।

इसका विचार बेहद शानदार था।

इंसान की आवाज़ काफी हद तक पूर्वानुमानित (predictable) होती है। आप अभी जो आवाज़ निकाल रहे हैं, उसका संबंध कुछ क्षण पहले निकाली गई आवाज़ से होता है, क्योंकि आवाज़ बनाने वाली आपकी जीभ, गला और मुंह की बनावट लगभग वही रहती है।

इसलिए पूरी आवाज़ भेजने के बजाय सिर्फ कुछ ऐसे गणितीय आंकड़े भेजे जा सकते हैं, जो यह बताते हैं कि आवाज़ किस तरह पैदा हो रही है।

दूसरी तरफ का फोन उन्हीं आंकड़ों के आधार पर आपकी आवाज़ को दोबारा तैयार कर लेता है।

उनका शुरुआती सिस्टम सिर्फ 2,400 बिट प्रति सेकंड की दर से काम करता था, जो उस समय के हिसाब से बेहद कम था। अमेरिकी सेना ने इसे सुरक्षित टेलीफोन संचार के लिए भी अपनाया।

हालांकि इसमें एक समस्या थी।

आवाज़ समझ तो आती थी, लेकिन वह बिल्कुल इंसानी आवाज़ जैसी नहीं लगती थी। उसमें थोड़ी रोबोट जैसी आवाज़ सुनाई देती थी।

इसके बाद अटल ने लगभग अगले 15 साल इस तकनीक को बेहतर बनाने में लगा दिए।

1985 में उन्होंने Manfred Schroeder के साथ मिलकर Code-Excited Linear Prediction (CELP) नाम की तकनीक प्रकाशित की।

आगे चलकर यही तकनीक दुनिया के कई डिजिटल मोबाइल और वॉइस-कम्युनिकेशन सिस्टमों की नींव बनी। GSM, CDMA और इंटरनेट पर होने वाली वॉइस कॉलिंग जैसी तकनीकों में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बिष्णु अटल के नाम 16 अमेरिकी पेटेंट और कई अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हैं।

1994 में उन्हें Bell Labs Fellow बनाया गया।

1987 में वे अमेरिका की National Academy of Engineering के सदस्य चुने गए।

और 2003 में Franklin Institute ने उन्हें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में Benjamin Franklin Medal से सम्मानित किया।

उन्हें सम्मान देते समय Franklin Institute ने एक बेहद खूबसूरत बात लिखी थी—

“अगली बार जब आप अपने मोबाइल फोन से कॉल करें, तो बिष्णु अटल को याद कीजिए।”

लेकिन सच्चाई यह है कि अगली बार तो दूर, आज भी ज्यादातर लोग उनका नाम तक नहीं जानते।

और सबसे हैरानी की बात...

अपने ही देश भारत में भी बहुत कम लोग जानते हैं कि मोबाइल पर हमारी आवाज़ को इतनी कम जगह में भेजने की इस तकनीक के पीछे एक भारतीय वैज्ञानिक का इतना बड़ा योगदान था।

(Copied)

31/08/2026

📚 Best Study Techniques for Students 🎯

Study smart, not just hard!

✅ Set clear study goals
✅ Follow a daily study routine
✅ Use active recall and practice questions
✅ Take short breaks to stay focused
✅ Revise regularly and make short notes
✅ Avoid distractions while studying

🌟 Consistency + Discipline + Smart Study = Success

Start today, build your knowledge, and create a brighter future! 🚀

31/08/2026

📚 Build Strong Study Habits, Build a Better Future! 🌟

Success begins with good study habits, smart learning techniques, and clear future planning.

✨ Study Smart • Stay Consistent • Plan Ahead • Achieve Your Goals

Invest in your knowledge today for a brighter and successful tomorrow.

27/08/2026

🙏 Heartfelt Condolences for the Tragedy in Nepal 🙏

We are deeply saddened and heartbroken by the tragic incident in Nepal. In this difficult hour, we stand united with the affected families and share in their grief.

We pray for the peace of the departed souls and for strength and courage to the families who have lost their loved ones. We also pray for the speedy recovery of those who have been injured.

In this difficult time, we stand with our brothers and sisters in Nepal with compassion, solidarity, and humanity.

🙏 May the departed souls Rest in Peace. 🙏

27/08/2026
04/07/2026

शिक्षा ज्ञान, कौशल और मूल्यों को प्राप्त करने की एक निरंतर प्रक्रिया है। यह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, समाज के उत्थान और जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता का आधार है।

24/06/2026

The goal of education is the advancement of knowledge and the dissemination of truth.

Address

G T Road
Sasaram
821115

Opening Hours

Monday 9am - 8pm
Tuesday 9am - 8pm
Wednesday 9am - 8pm
Thursday 9am - 8pm
Friday 9am - 8pm
Saturday 9am - 8pm

Telephone

+91 94310 58565

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Rajendra Pustak Bhawan, Sasaram posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Rajendra Pustak Bhawan, Sasaram:

Shortcuts

Share

Category