22/07/2019
तिरंगे के पंख बना,रख कंधों पर यूँ लिया,
बार बार उड़कर के,अम्बर को छू लिया।
वो चढ़ गई शिखर पे,इतिहास बदलकर,
सोने को ढाला उसने ख़ुद आग में जलकर।
दे हौसला रफ़्तार को,सांसो की हुंकार में,
फिर दीप्तिमान उसने,भारत का रू किया।
तिरंगे के पंख बना,रख कंधों पर यूँ लिया,
बार बार उड़कर के,अम्बर को छू लिया।
कर दी कमाई आधी इंसानियत के नाम,
ख़बरदारों की बस्ती में थी मगर गुमनाम,
पसीनों से कमाया जिसने मान मुल्क का,
उसी से मुल्क ने जाने क्यों मोड़ मुँह लिया।
तिरंगे के पंख बना,रख कंधों पर यूँ लिया,
बार बार उड़कर के,अम्बर को छू लिया।
हिमालय की है हिमा,वो हिंद की है गरिमा,
सादा है मगर उसकी आभा की न सीमा,
वक़्त की दौड़ में बेटियों का प्रतिमान वो,
सपनों की कामधेनु से कीर्ति को दुह लिया।
तिरंगे के पंख बना,रख कंधों पर यूँ लिया,
बार बार उड़कर के,अम्बर को छू लिया।
The Real champion.🇮🇳🇮🇳😍😍
19 दिन और पांच स्वर्ण पदक
बधाई हो हिमा दास
हमें आप पर गर्व है। यूं ही देश का नाम रोशन करती रहें, ढेरों शुभकामनाएं|💐💐
😔🤔 आँसुओं से लिखी हिमा दास ने गोल्ड मेडल की दास्तान🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
बधाई दीजिए अपनी बेटी हिमा दास को, जिसने एक नहीं, दो नहीं, 5 गोल्ड मेडल🎖🎖🎖 जीते हैं 🇮🇳भारत की शान, बहन हीमा दास को दिल से सलाम 🙏🙏🙏♥️🌹🌹🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
हिमा दास ने क्लांदो एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैम्पियनशिप मे एक नही, दो नही, बल्कि पूरे5गोल्ड मैङल जीते है,
यहा केवल दस ग्यारह देश से फाइट नही होती क्रिकेट मैच की तरह बल्कि 150+ देश को चुनौती देना होता है,
हिमा दास आपको और आपके संघर्ष को दिल♥️ से सलाम करते हैं🙏🙏🙏
अंग्रेज़ों द्वारा अपने ग़ुलाम देशों पर थोपे गए आभिजात्य क्रिकेट की हार-जीत से शायद हम सब इतने अभिभूत हैं पर तुम दौड़ो हिमा...जमकर दौड़ो...करोड़ों भारतपुत्रियो के अधूरे सपने अपने पैरों में बाँधकर दौडो ! दौडो कि भारत की हर बेटी के हिस्से की ज़मीन तुम्हे अपने क़दमों से नापनी है ! दौड़ो कि तुम्हारे सामान्य से घर की मज़बूत नींव में तुम्हारी जिजीविषा का आधार है ! हमारे घर की इस बिटिया और ऐसी हर बेटी को आदर-स्नेह से भरकर रास्ता दीजिए...बेटियाँ दौड़ती-भागती अच्छी लगती हैं, चीख़ती-काँपती नहीं 😍😍🇮🇳🙏
एथलीट की दुनिया में जब,
बैठा था भारत उदास !
उड़न परी ने पंख पसारे,
भरी राष्ट्र हृदय में उजास !
अब भूख रही ना प्यास रही,
भर कर मन में उल्लास !
दौड़ी-दौड़ी कि बस दौड़ पड़ी,
भारत की बेटी हिमा दास !
एथलीट की दुनिया में जब ......
बुलन्द हौंसले, नेक ईरादे
और न कुछ अपने पास !
पीड़ित मानवता को लौटाया,
ईश्वर ने जो बख्शा खास !
एथलीट की दुनिया में जब .......
जाति-धर्म जो ढूंढते उसकी,
मुझको न आया ये सब रास !
एथलीट की दुनिया में जब ........
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