28/12/2023
आजकल के टीनऐज बच्चो को सेक्स एजुकेशन देना बहुत जरूरी हो गया है!👇👇👇
एक बहुत कंट्रोवर्सियल टॉपिक उठा रही हूँ , कल इस टॉपिक को मुझे समझाना था .मेरी अच्छी सहेली है , उसका लड़का 12-13 साल का है , थोड़ा इंट्रोवर्टस है , पढ़ाई में बहुत अच्छा है . कल सुबह सहेली ने फ़ोन किया की शाम को थोड़ा टाइम दे दो , मैंने पूछा क्या आफत आ गयी
उसने बताया की कल सुबह जब लड़का उठा तो उसके अंडरपैंट्स पर धब्बे थे , वो बहुत ashamed था , क्यों की मैंने देख लिया था . वो मुझसे नजर नहीं मिला रहा है , प्लीज उसे समझा दो
मैंने कहा की पैदा तुमने किया है , मदर इंडिया तुम हो , हम क्यों समझाए ? उसने कहा की डाक्टर तुम हो , साथ में रहोगी तो बिओलॉजिकली समझा दोगी ,हम तो आर्ट साइड वाले है . मैंने कहा एक शर्त पर , तुम साथ बैठोगी ,तुम्हारे सामने समझाउंगी ,बात तय हुई
शाम को जब बेटा कोचिंग से लौटा ,तो रूम में हम दोनों ने उसे बैठाया , चार्ट पेपर पर मैंने समझाना शुरू किया
नाईट फॉल ,जिसे मुर्ख लोग स्वप्न दोष कहते है , इसे मेडिकल में nocturnal emission कहते है , ये मेल बॉडी में बढ़ते टेस्टोरोन हॉर्मोन के कारन होता है ,इसे Lucid dreaming भी कहते है . ब्रेन इस बढे टेस्टोरोन लेवल के कारन नींद में ही ओर्गास्म पा लेता है . ऐसा puberty के समय होना नार्मल है , कभी 2 ये आगे भी होता है . महीने में १-२ बार होना नार्मल है , हर मेल्स को लाइफ में ऐसा होता है , even तुम्हारे पापा चाचा को भी हुआ होगा .
ये गर्ल्स में भी होता है ,इसे वैजाइनल wetting कहते है , बिलकुल बॉयज की तरह गर्ल्स में भी puberty के समय बढे एस्ट्रोजेन के कारण ऐसा होता है , वैजाइना से लुब्रिकेशन लिक्विड बाहर आता है , ये दोनों बाते एकदम नार्मल है , एक हेल्दी बॉडी में ऐसा होना एकदम नार्मल है .
इसी तरह पैडमैन मूवी देखे हो , हर लड़की से औरत तक में हर महीने 3-5 दिन ब्लीडिंग होती है , ये भी नेचर से ही होता है . इसी से रिप्रोडक्शन साइकिल बनती है . मुझ में , तुम्हारी मम्मी में सब में ये होता है
इस तरह मैंने उसे रिप्रोडक्शन साइकिल से लगाए , सब चीज पेन पेपर पर फिगर बना के बताया , उसके सारे डाउट क्लियर किये
अब जैसे ही मुझे मेरी रिद्धि में puberty के लक्षण दिखेंगे मै उसे मेल रिप्रोडक्शन सिस्टम से फीमेल रिप्रोडक्शन सिस्टम तक सब कुछ समझाउंगी , पूरी सेक्सुअल हेल्थ की जानकारी उसे दे दूंगी
अब अपने मन की बात बताऊ , डाक्टर कविता ने सेक्स टॉपिक पर पोस्ट लिखी , बिलकुल मेडिकली एक्सप्लेनेड थी , एक पंडित जी आकर कमेंट करते है की जब सब कुछ खुल्लमखुला बोलना है तो विदेशी संस्कृति को यहाँ भी लागु कर दो
अब बताइये , सब लोग ग्लोबल होते जा रहे है , ये पोंगापंथी लिए बैठे है . अरे भाई , ये सच है की पहले ये सब जानकारी घर में बड़े भाई बहन , चचेरे भाई बहन आदि से मिल जाती थी , और बहुत सही मिलती भी नहीं थी तभी तो स्वप्न दोष जैसे शब्दों ईजाद हुए है . आजतक नीम हकीम इसे शब्द से खूब कमा रहे है .
अब नुक्लियर फेमली है ,1-2 बच्चे से ज्यादा नहीं है , ऊपर से पैरेंट्स भी बीजी है , ऊपर से इंटरनेट भी अवेलेबल है ,अब आप नहीं बताओगे तो बच्चे स्कूल में गलत सीखेंगे , इंटरनेट पर कचरा जानेंगे , कम उम्र में गलत कर बैठेंगे . अब तो7-8 क्लास तक बच्चो को सब समझा देना है , वरना समय इतनी तेजी से बदल रहा है , और हम धर्म संस्कृति की बीन लिए बैठे रहेंगे ,उधर बच्चे गलत रास्ता पकड़ लेंगे
इस समय आप बच्चो के आँखों में पट्टी नहीं बाँध सकते , मूवी सीरियल , प्रोग्राम इंटरनेट पर sexual arousal कंटेंट भरे है , कहाँ तक आप रोक लगाओगे ? चाह के भी नहीं लगा सकते . तरीका यही है की उनके कच्चे मन में सही चीज समय से भर दो . इसके नफा नुकसान उन्हें बता दो , हो सकता है की वो इस स्टेज को आसानी से पार कर जाए
बाकि किसी को इस टॉपिक पर आपत्ति है तो वो ये जान ले की मै बेशर्म हूँ 😒